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Hardoi News: जिले के सभी 55 राजकीय विद्यालयों में संसाधनों की कमी होगी दूर
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हरदोई। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की ढांचागत स्थिति को सुधारने और वहां अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के सभी 55 राजकीय विद्यालयों से मांगे गए विकास प्रस्तावों का अब स्थलीय सत्यापन शुरू कर दिया गया है। पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को विद्यालयों में जाकर प्रस्तावों का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में 55 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर भौतिक संसाधन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में नए कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, पेयजल सुविधा, शौचालय निर्माण, बाउंड्रीवॉल, विद्युतीकरण और जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। जिले के सभी विद्यालयों से प्रस्ताव दिए गए। विद्यालयों से प्राप्त प्रस्ताव के सत्यापन के लिए जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदारों की टीम गठित की गई।
तहसीलदार खुद विद्यालयों में जाकर निरीक्षण करेंगे और यह जांचेंगे कि विद्यालय प्रशासन की ओर से भेजी गई मांग वास्तव में कितनी आवश्यक है। इससे अनावश्यक बजट आवंटन पर रोक लगेगी और जिन विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धनराशि स्वीकृत की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
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जिले में 55 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर भौतिक संसाधन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में नए कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, पेयजल सुविधा, शौचालय निर्माण, बाउंड्रीवॉल, विद्युतीकरण और जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। जिले के सभी विद्यालयों से प्रस्ताव दिए गए। विद्यालयों से प्राप्त प्रस्ताव के सत्यापन के लिए जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदारों की टीम गठित की गई।
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तहसीलदार खुद विद्यालयों में जाकर निरीक्षण करेंगे और यह जांचेंगे कि विद्यालय प्रशासन की ओर से भेजी गई मांग वास्तव में कितनी आवश्यक है। इससे अनावश्यक बजट आवंटन पर रोक लगेगी और जिन विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धनराशि स्वीकृत की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
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