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Hardoi News: तय समय में पूरी नहीं हो पाईं सात परियोजनाएं
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फोटो 21: जनिगांव स्थिति तालाब। संवाद
हरदोई। आवश्यकताओं के आधार पर ही परियोजनाओं पर काम कराने की स्वीकृति और रुपये दिए जाते हैं। जिले में सात परियोजनाएं ऐसी हैं जो तय समय पर पूरी ही नहीं हो सकीं। परियोजनाओं के पूरा न होने के पीछे कहीं बजट का अभाव है तो कहीं पहली किस्त में मिले रुपये भी पूरे खर्च नहीं हो सके। इससे परियोजनाओं की लागत बढ़ने की उम्मीद है।
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केस एक
अब तक 70 प्रतिशत हुआ काम
नीभापुर गजरी मार्ग के किलोमीटर एक से मदारपुर तक संपर्क मार्ग बनवाए जाने के लिए 11 जुलाई 2022 को स्वीकृति मिली थी। पीडब्ल्यूडी की निविदा शर्तों के मुताबिक काम 30 सितंबर 2026 तक पूरा हो जाना चाहिए था। काम कराने के लिए 1.27 करोड़ की स्वीकृति मिली। शासन से 79.00 लाख रुपये मिले। अब तक काम 70 प्रतिशत काम हुआ है।
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केस दो
पीडब्ल्यूडी के माध्यम से नौसजिया से नयापुरवा संपर्क मार्ग बनाए जाने के लिए एक जनवरी 2023 को 1.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। निविदा शर्तों के मुताबिक 30 सितंबर 2026 तक काम पूरा होना था। 45 लाख रुपये ही मिले। अब तक 44 प्रतिशत ही काम हो पाया है।
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केस तीन
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के माध्यम से नरामदनापुर तालाब के पुनर्स्थापना की परियोजना के लिए 4.78 करोड़ रुपये से काम कराने की 16 मार्च 2017 को स्वीकृति मिली थी। काम 31 मार्च 2025 तक होना था। स्वीकृति के समय पांच लाख रुपये ही मिले और काम 10 प्रतिशत ही हो सका।
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केस चार
जनिगांव तालाब के पुनर्स्थापना के लिए 2.30 करोड़ रुपये से काम कराने की 14 मई 2024 को स्वीकृति मिली थी। काम कराने के लिए पांच लाख रुपये मिले थे। निविदा शर्तों के मुताबिक काम 31 मार्च 2025 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन अभी तक 22 प्रतिशत ही काम हो सका।
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केस पांच
सिंचाई एवं जल संसाधान विभाग के माध्यम मझिगवां तालाब की पुनर्स्थापना के लिए 2.49 करोड़ रुपये की स्वीकृति 16 दिसंबर 2016 को मिली थी। निविदा शर्तों के मुताबिक काम 31 मार्च 2025 को पूरा हो जाना चाहिए था। काम कराने के लिए पांच लाख रुपये मिले। काम 20 प्रतिशत ही हो पाया।
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केस छह
उप्र पुलिस आवास निगम लि. के माध्यम से कोतवाली हरपालपुर में आवासीय भवन अभी तक 97.5 प्रतिशत बन सका है। 10.13 करोड़ रुपये से काम की स्वीकृति चार दिसंबर 2024 को मिली थी और 9.95 करोड़ रुपये मिले थे। काम तीन अगस्त 2026 तक पूरा होना था। कार्यदायी संस्था 94.47 प्रतिशत रुपये ही खर्च कर पाई।
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केस सात
कोतवाली हरपालपुर में कार्यालय भवन बनवाए जाने के लिए 7.92 करोड़ रुपये की शासन ने चार दिसंबर 2024 को स्वीकृति दी थी। उप्र पुलिस आवास निगम लि. की निविदा शर्तों के मुताबिक काम तीन अगस्त 2016 तक पूरा होना चाहिए था। संस्था अभी तक 94.14 प्रतिशत रुपये खर्च कर पाई है और काम भी 97.5 प्रतिशत हो पाया।
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तीन परियोजनाओं पर स्वीकृति के बाद पहली किस्त में पांच-पांच लाख रुपये ही मिले हैं। इसके बाद दूसरी किस्त में रुपये न मिलने से काम आगे नहीं हो पाया। इन कामों के पूरा न होने की शासन को भी जानकारी दी गई है। -एके चौधरी, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग
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केस एक
अब तक 70 प्रतिशत हुआ काम
नीभापुर गजरी मार्ग के किलोमीटर एक से मदारपुर तक संपर्क मार्ग बनवाए जाने के लिए 11 जुलाई 2022 को स्वीकृति मिली थी। पीडब्ल्यूडी की निविदा शर्तों के मुताबिक काम 30 सितंबर 2026 तक पूरा हो जाना चाहिए था। काम कराने के लिए 1.27 करोड़ की स्वीकृति मिली। शासन से 79.00 लाख रुपये मिले। अब तक काम 70 प्रतिशत काम हुआ है।
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केस दो
पीडब्ल्यूडी के माध्यम से नौसजिया से नयापुरवा संपर्क मार्ग बनाए जाने के लिए एक जनवरी 2023 को 1.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। निविदा शर्तों के मुताबिक 30 सितंबर 2026 तक काम पूरा होना था। 45 लाख रुपये ही मिले। अब तक 44 प्रतिशत ही काम हो पाया है।
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केस तीन
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के माध्यम से नरामदनापुर तालाब के पुनर्स्थापना की परियोजना के लिए 4.78 करोड़ रुपये से काम कराने की 16 मार्च 2017 को स्वीकृति मिली थी। काम 31 मार्च 2025 तक होना था। स्वीकृति के समय पांच लाख रुपये ही मिले और काम 10 प्रतिशत ही हो सका।
केस चार
जनिगांव तालाब के पुनर्स्थापना के लिए 2.30 करोड़ रुपये से काम कराने की 14 मई 2024 को स्वीकृति मिली थी। काम कराने के लिए पांच लाख रुपये मिले थे। निविदा शर्तों के मुताबिक काम 31 मार्च 2025 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन अभी तक 22 प्रतिशत ही काम हो सका।
केस पांच
सिंचाई एवं जल संसाधान विभाग के माध्यम मझिगवां तालाब की पुनर्स्थापना के लिए 2.49 करोड़ रुपये की स्वीकृति 16 दिसंबर 2016 को मिली थी। निविदा शर्तों के मुताबिक काम 31 मार्च 2025 को पूरा हो जाना चाहिए था। काम कराने के लिए पांच लाख रुपये मिले। काम 20 प्रतिशत ही हो पाया।
केस छह
उप्र पुलिस आवास निगम लि. के माध्यम से कोतवाली हरपालपुर में आवासीय भवन अभी तक 97.5 प्रतिशत बन सका है। 10.13 करोड़ रुपये से काम की स्वीकृति चार दिसंबर 2024 को मिली थी और 9.95 करोड़ रुपये मिले थे। काम तीन अगस्त 2026 तक पूरा होना था। कार्यदायी संस्था 94.47 प्रतिशत रुपये ही खर्च कर पाई।
केस सात
कोतवाली हरपालपुर में कार्यालय भवन बनवाए जाने के लिए 7.92 करोड़ रुपये की शासन ने चार दिसंबर 2024 को स्वीकृति दी थी। उप्र पुलिस आवास निगम लि. की निविदा शर्तों के मुताबिक काम तीन अगस्त 2016 तक पूरा होना चाहिए था। संस्था अभी तक 94.14 प्रतिशत रुपये खर्च कर पाई है और काम भी 97.5 प्रतिशत हो पाया।
तीन परियोजनाओं पर स्वीकृति के बाद पहली किस्त में पांच-पांच लाख रुपये ही मिले हैं। इसके बाद दूसरी किस्त में रुपये न मिलने से काम आगे नहीं हो पाया। इन कामों के पूरा न होने की शासन को भी जानकारी दी गई है। -एके चौधरी, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग