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Hardoi News: सीट बेल्ट लगाए बिना बसें दौड़ा रहे रोडवेज के चालक, जिम्मेदारों को दिखते नहीं
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फोटो-09- रोडवेज बस में बिना सीट बेल्ट की चालक की सीट। संवाद
हरदोई। सड़कों पर यातायात नियमों का पालन कराना केवल आम जनता की जिम्मेदारी बनकर रह गया है। जहां एक ओर बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के निकलने पर आम नागरिकों का तुरंत चालान हो जाता है। वहीं, सड़क पर नियमों की धज्जियां उड़ाती रोडवेज बसें अधिकारियों को नजर नहीं आती हैं। रोडवेज बस में शायद ही कोई चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करता है। हर रूट पर बिना सीट बेल्ट लगाए चालक बस दौड़ाते नजर आते हैं।
जिले में परिवहन विभाग के बेड़े में करीब 205 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। बेड़े में वैसे तो तमाम नई बसें आ चुकी हैं। इनमें सीट बेल्ट लगी होती है। वहीं, कई पुरानी बसों में तो सीट बेल्ट ही नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि नई बसों के शायद ही कोई चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करते हों। हर रूट पर रोडवेज चालक बिना सुरक्षा मानकों के बस दौड़ाते नजर आते हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर आंखें मूंदे हैं।
खास बात यह है कि अधिकारी आम जनता को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाते हैं लेकिन रोडवेज के चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और बसों की जांच तक भी नहीं की जाती। यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग के जिम्मेदार इस ओर बिलकुल ध्यान नहीं देते हैं। उप संभागीय परिवहन विभाग से मिली जानकारी की बात करें तो रोडवेज बसों के किसी भी चालक का चालान सीट बेल्ट को लेकर नहीं हुआ है।
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रोडवेज चालकों को यातायात नियमों के अनुसार ही बस चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करना किसी भी चालक का अधिकार नहीं है। अगर कोई चालक यातायात नियम का उल्लंघन करते पकड़ा जाएगा तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। -भुवनेश्वर कुमार,
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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जिले में परिवहन विभाग के बेड़े में करीब 205 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। बेड़े में वैसे तो तमाम नई बसें आ चुकी हैं। इनमें सीट बेल्ट लगी होती है। वहीं, कई पुरानी बसों में तो सीट बेल्ट ही नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि नई बसों के शायद ही कोई चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करते हों। हर रूट पर रोडवेज चालक बिना सुरक्षा मानकों के बस दौड़ाते नजर आते हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर आंखें मूंदे हैं।
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खास बात यह है कि अधिकारी आम जनता को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाते हैं लेकिन रोडवेज के चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और बसों की जांच तक भी नहीं की जाती। यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग के जिम्मेदार इस ओर बिलकुल ध्यान नहीं देते हैं। उप संभागीय परिवहन विभाग से मिली जानकारी की बात करें तो रोडवेज बसों के किसी भी चालक का चालान सीट बेल्ट को लेकर नहीं हुआ है।
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रोडवेज चालकों को यातायात नियमों के अनुसार ही बस चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करना किसी भी चालक का अधिकार नहीं है। अगर कोई चालक यातायात नियम का उल्लंघन करते पकड़ा जाएगा तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। -भुवनेश्वर कुमार,
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक