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Hardoi News: पर्चा बनवाते ही मरीजों का दर्ज होगा रिकॉर्ड, मिल सकेगी मेडिकल हिस्ट्री

Wed, 10 Sep 2025 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 10:39 PM IST
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Patients' records will be recorded as soon as the prescription is made, medical history will be available
हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब सभी व्यवस्थाएं डिजिटल होती जा रही हैं।
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इसको लेकर प्रक्रिया तो शुरू हो चुकी थी और अब लागू होने लगी है। ओपीडी में अब पर्चा बनवाते ही मरीज का रिकॉर्ड दर्ज हो रहा है। पर्चे पर जनरेट होकर आ रहे सीआर नंबर के माध्यम से भविष्य में दोबारा मेडिकल कॉलेज आने पर पुरानी बीमारी, जांच, उपचार और दवाइयों का रिकॉर्ड मिल सकेगा। इतना ही नहीं सीआर नंबर से पर्चा भी जल्दी बनेगा और लाइन में घंटों खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। मरीजों की जांच से लेकर दवाएं तक बस एक क्लिक पर मिल सकेंगी। मेडिकल कॉलेज में सभी स्वास्थ्य सेवाएं हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचआईएमएस) लागू कर दिया गया है। इस सॉफ्टवेयर पर मरीजों से संबंधित सभी सूचनाएं दर्ज होंगी। इसका उद्देश्य मरीज और चिकित्सक दोनों के लिए इलाज में आसानी और सुविधाजनक बनाना है।
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इसकी शुरुआत पर्चा काउंटर से हो जाती है। पर्चा बनवाते समय पर्चे पर सीआर नंबर आ जाता है। इसके माध्यम से रिकॉर्ड दर्ज हो जाता है। अगर कोई दोबारा चिकित्सीय परामर्श के लिए पर्चा बनवाने जाता है और मोबाइल नंबर बताने पर पूर्व में दर्ज रिकॉर्ड दिख जाता है तो दूसरा पर्चा बनने में दिक्कत आती है। वहीं, सीआर नंबर बताते ही आसानी से पर्चा बन जाता है फिर भले ही पूर्व में किसी अन्य चिकित्सक को दिखाया हो।
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लंबी लाइन से मिलेगा छुटकारा
पर्चा काउंटर पर बैठे आशीष मिश्रा ने बताया कि सीआर नंबर से पर्चा बनाने में अधिक समय नहीं लगता है। नंबर डालते ही पूरा रिकॉर्ड आ जाता है और सिर्फ चिकित्सा विभाग को ही चयनित करना पड़ता है। कुछ ही देर में पर्चा प्रिंट होकर आ जाता है। वहीं, पूरा रिकॉर्ड भरने में काफी समय लगता है। मरीज का अगर पुराना पर्चा बना है तो काम काफी जल्दी हो सकता है।



घर बैठे भी बन सकेगा अस्पताल का पर्चा
मरीज और तीमारदार घर बैठकर भी अस्पताल के लिए पर्चा बनवा सकते हैं। पर्चा काउंटर प्रभारी रिंकू सिंह ने बताया कि ऑनलाइन एप ड्रीफकेस के माध्यम से अब घर पर ही पर्चा बनवा सकते हैं। प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिर्फ एक टोकन नंबर आएगा। इसको बताकर काउंटर से तत्काल पर्चा मिल सकेगा और देर भी नहीं लगेगी।



मरीजों के स्वास्थ्य का रिकार्ड ऑनलाइन होने से काफी सहूलियत मिल रही है। मरीजों को कब क्या बीमारी हुई है इसकी भी जानकारी हो जाती है। -डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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