{"_id":"6ad3ba4b3261c4bf15011eb3","slug":"patient-breathes-her-last-on-a-stretcher-while-waiting-for-surgery-hardoi-news-c-213-1-hra1004-158650-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: ऑपरेशन के इंतजार में स्ट्रेचर पर थमी मरीज की सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: ऑपरेशन के इंतजार में स्ट्रेचर पर थमी मरीज की सांसें
विज्ञापन
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक विभाग में इलाज के लिए पहुंचे बरैयापुरवा निवासी व्यक्ति की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पैर टूटने पर अस्पताल पहुंचे मरीज को ऑपरेशन थियेटर के बाद काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, हालत भी गंभीर होने पर एनेस्थेटिस्ट ने भी दवा देने से मना कर दिया। आखिरकार चार घंटे तड़पने के बाद व्यक्ति की मौत हो गई।
शहर के बर्रैयापुरवा निवासी सतेंद्र कुमार (30) की शुक्रवार की शाम को हादसे का शिकार हो गए थे। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उनके पैर की जांच की हड्डी टूट गई थी और काफी गहरा घाव भी हो गया था। बहनोई राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार को उसके पैर का ऑपरेशन होना था। बताया कि उन्होंने डॉ. ऑविक राय को दिखाया था। उन्होंने ऑपरेशन के लिए 22 हजार रुपये भी जमा कराए थे। शनिवार को वह ऑपरेशन थियेटर पहुंचे।
आरोप है कि करीब चार घंटे बाद भी ऑपरेशन नहीं हुआ और उसकी स्ट्रेचर पर ही मौत हो गई। आरोप यह भी है कि मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिला। मरीज की मौत के बाद भी स्टाफ करीब एक घंटे तक उसे ऑक्सीजन देता रहा। परिजनों के अनुसार, इससे उन्हें मरीज की स्थिति को लेकर भ्रम में रखा गया। डॉक्टर ऑविक राय ने बताया कि उसकी हालत काफी गंभीर थी और एनेस्थेटिस्ट ने भी गंभीर हालत के कारण एनेस्थिसिया नहीं दिया। उसे लखनऊ रेफर किया जा रहा था लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि चिकित्सकों से जानकारी की गई है। युवक को कार्डियेक्ट अरेस्ट की संभावना लग रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के बर्रैयापुरवा निवासी सतेंद्र कुमार (30) की शुक्रवार की शाम को हादसे का शिकार हो गए थे। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उनके पैर की जांच की हड्डी टूट गई थी और काफी गहरा घाव भी हो गया था। बहनोई राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार को उसके पैर का ऑपरेशन होना था। बताया कि उन्होंने डॉ. ऑविक राय को दिखाया था। उन्होंने ऑपरेशन के लिए 22 हजार रुपये भी जमा कराए थे। शनिवार को वह ऑपरेशन थियेटर पहुंचे।
विज्ञापन
आरोप है कि करीब चार घंटे बाद भी ऑपरेशन नहीं हुआ और उसकी स्ट्रेचर पर ही मौत हो गई। आरोप यह भी है कि मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिला। मरीज की मौत के बाद भी स्टाफ करीब एक घंटे तक उसे ऑक्सीजन देता रहा। परिजनों के अनुसार, इससे उन्हें मरीज की स्थिति को लेकर भ्रम में रखा गया। डॉक्टर ऑविक राय ने बताया कि उसकी हालत काफी गंभीर थी और एनेस्थेटिस्ट ने भी गंभीर हालत के कारण एनेस्थिसिया नहीं दिया। उसे लखनऊ रेफर किया जा रहा था लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि चिकित्सकों से जानकारी की गई है। युवक को कार्डियेक्ट अरेस्ट की संभावना लग रही है।
विज्ञापन