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Hardoi News: पानी कम होने के साथ छोड़ रहा दर्द, जलभराव से परेशानी

Sun, 04 Oct 2026 11:07 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:07 PM IST
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Pain subsiding as water recedes; waterlogging causes trouble.
हरदोई/पिहानी/बिलग्राम/सवायजपुर। नदियों में बाढ़ का पानी सिमटने लगा है। कम होता पानी लोगों के लिए दर्द छोड़ रहा है। पिहानी और बिलग्राम क्षेत्र में गांवों और आसपास जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सवायजपुर क्षेत्र में घोड़ीथर के पास पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आवागमन ठप हो गया है।
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गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के साथ ही सई और गोमती नदी में सैलाब आ गया। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। रविवार को गर्रा में पानी नहीं छोड़ा गया जबकि गंगा नदी में नरौरा बैराज से 54,876 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर करीब 20 सेंटीमीटर कम हुआ और पानी 136.50 मीटर गेज और राजघाट पर 125.43 मीटर गेज पर आ गया।
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रामगंगा नदी का पानी करीब 53 सेंटीमीटर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया है। शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.98 मीटर गेज पर पहुंच गया है। गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 146.40 मीटर गेज और सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 130.44 मीटर गेज पर आ गया है। बाढ़ का पानी नदियों में सिमटने के साथ ही अब कटान और नुकसान फिर से उभरने लगा है। इससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।
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पिहानी क्षेत्र के संतरहा और नागर में जलभराव से छोटे बच्चों के अकेले घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। मोहल्ला नागर में खजूर वाली रोड पर जलभराव अधिक हो गया है। आसपास गहरी खाई और तालाब हैं। पानी में इनकी हदें खो गई हैं। रोड पर जलकुंभी तैर रही है। रास्ते और गड्ढों में फर्क का अंदाजा कर पाना संभव नहीं है।
मोहल्ले के अजमत ने बताया कि बच्चों में इरफान, आफरीन, अस्मा, सैफ, हजा और नसीरू के मुताबिक अयान और अनम को निगरानी में स्कूल भेजते हैं। सई नदी के तटीय गांव संतरहा की सौम्या, रितिका और सोनम ने प्रशासन से जलनिकासी की मांग की। करावां रोड किनारे सई किनारे प्रभावित लोगों ने पन्नी की झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर शुरू किया है। खाने-पीने का इंतजाम नगर पालिका कर रही है।

सवायजपुर क्षेत्र में रामगंगा नदी की बाढ़ से नीलम नदी भी उफना गई है। घोड़ीथर गांव के पास करीब 30 साल पुरानी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। इससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीणों को करीब चार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गांव आना-जाना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने से घोड़ीथर गांव के साथ ही गोरिया, बरहुली, बरौली, अलीगंज और ननखेरिया गांवों के करीब आठ हजार लोगों को दिक्कतें हुईं। सवायजपुर-चकौती मार्ग या सवायजपुर से वृंदावन चौराहा होते हुए घोड़ीथर गांव करीब चार किलोमीटर काटकर आना-जाना पड़ रहा है। ग्रामीण रतन, रामलाल, मुन्ना, जयपाल, प्रकाश, रणवीर, राजीव और उदयवीर ने बताया कि इससे छात्रों को अधिक दिक्कतें हुई हैं। एसडीएम शिवानी सिंह ने बताया कि पुलिया के निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।


बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी में आई बाढ़ ने कटरी के मकानों और खेतों पर कब्जा जमा लिया है। परेशानियां जस की तस हैं। लंबे समय तक बाढ़ का दंश झेल रहे ग्रामीण काफी परेशान हैं। रोजी-रोटी का संकट है। आवागमन नावों से चल रहा है। छिबरामऊ सड़क तक आने में दिक्कत हो रही है। कटरी क्षेत्र के लगभग सभी गांव दोबारा आई बाढ़ से काफी परेशानी में हैं। 12 स्कूल बंद हैं। एसडीएम एन राम ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। राहत सामग्री का भी वितरण कराया जा रहा है।
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