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Hardoi News: नो-इंट्री में भी ओवरलोड वाहन बेरोकटोक निकल रहे

Sat, 13 Sep 2025 12:19 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:19 AM IST
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Overloaded vehicles are passing through no-entry area without any hindrance
फोटो-01- लखनऊ रोड पर ओवरलोड जाती ट्रैक्टर ट्राली। संवाद
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फोटो-02- सर्कुलर रोड पर ओवरलोड जाती पिकअप। संवाद
- त्योहारी सीजन नजदीक होने के बाद भी जिम्मेदार मौन साधे, बाजारों में रोज दो से तीन घंटे लगा रहता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सख्ती के लाख दावों के बाद भी शहर के बीच से ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से निकल रहे हैं। इससे त्योहारी सीजन में भीड़भाड़ वाले इलाकों में हादसों की आशंका और भी बढ़ जाती है। हाल यह है कि शहर के कई बड़े बाजारों में नो-इंट्री के बाद भी भारी वाहन गुजर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। जाम की समस्या से हार दिन लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है।
शहर में दिन के अंदर से बड़े वाहनों का गुजरना प्रतिबंधित है। बड़े डंपर, ट्राला तो रात के नौ बजे के बाद निकलते हैं लेकिन ओवरलोडेड ट्रालियां, डाला पर कोई रोकथाम नहीं है। ओवरलोड वाहनों की वजह से हादसाें का डर तो बना रहता है। वहीं जाम की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से ओवरलोड वाहन बिना किसी डर के सड़कों पर दौड़ते हैं। ओवरलोड वाहन जाम को ओर ज्यादा बढ़ा देते हैं, क्योंकि ओवरलोडिंग के कारण वाहनों को धीमी गति से चलाना पड़ता है। दूसरे वाहन को ओवरटेक करने में भी समस्या आती है।
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इतना ही नहीं शहर के सिनेमा चौराहा, पिहानी चुंगी, सोल्जर बोर्ड चौराहा, नुमाइश चौराहा और लखनऊ चुंगी से नो-इंट्री के समय भी ट्रकों का आवागमन होता रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं
लोडिंग के मानकों का नहीं होता पालन
समान ढोने वाले बड़े वाहनों में लोडिंग के मानक के मुताबिक 10 चक्का वाहन में 28 टन, 12 चक्का में 35 टन, 14 चक्का में 42 टन, 18 चक्का में 45 टन, 22 चक्का में 55 टन, छोटे वाहन में तीन टन, ट्रॉली में आठ टन, ऑटो में तीन व्यक्तियों से ज्यादा नहीं बैठा सकते है। इसके अलावा ई-रिक्शा में तो केवल दो या तीन सवारियां ही बैठा सकते हैं। लेकिन हर कोई अपनी क्षमता से ज्यादा चल रहा है।


जिम्मेदार बोले-चौराहों पर होती है चेकिंग

यातायात निरीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि ओवरलोडिंग पर तो सिर्फ परिवहन विभाग ही कार्रवाई करता है। फिर भी अगर कोई वाहन निकलता है तो कार्रवाई की जाती है। प्रत्येक चौराहे पर चेकिंग होती है। ऑटो में सवार सवारियों की भी समय-समय पर चेकिंग की जाती है और उनके चालान भी किए जाते हैं।
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