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मोहर्रम में नहीं निकालेंगे जुलूस, घरों में ही होगा मातम
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पिहानी में 20 अगस्त से शुरू हो रहे मोहर्रम माह को लेकर शियाओं ने शुक्रवार को कस्बे के जामिया हमीदुल मदारिस में बैठक की। इसमें निर्णय लिया गया कि इस बार समाज के लोग जुलूस नहीं निकालेंगे।
जामिया हामिदुल मदारिस के अध्यक्ष सैय्यद अली जायर जैदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में शिया अंजुमनों के अध्यक्ष और महासचिवों को भी आमंत्रित किया गया। शिया धर्मगुरु मौलाना वजीहुल हसन जैदी ने कहा कि कोरोना काल में मोहर्रम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन किया जाएगा।
कहा कि इमाम हुसैन की शहादत के गम का इजहार करना है, जो घरों में किया जा सकता है। अंजुमनों ने निर्णय लिया कि धारा 144 लागू होने के कारण लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न करके घर में ही मजलिसों का आयोजन होगा। घर में ही मेहंदी रोशन कर मातम करें।
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हजरत कासिम अ. के तख्त-ए-मुबारक को सजाकर मीरसराय इमामबाड़े में ही रख दिया जाएगा। दो-दो व्यक्ति तख्त की जियारत कर इमामबाड़े पर ही मन्नत मान सकेंगे। अध्यक्षता कर रहे सैय्यद अली जायर जैदी ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर इमरान हुसैन, अय्यूब, कल्लू, डियर जैदी, कम्मन व कायम आदि मौजूद रहे।
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जामिया हामिदुल मदारिस के अध्यक्ष सैय्यद अली जायर जैदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में शिया अंजुमनों के अध्यक्ष और महासचिवों को भी आमंत्रित किया गया। शिया धर्मगुरु मौलाना वजीहुल हसन जैदी ने कहा कि कोरोना काल में मोहर्रम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन किया जाएगा।
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कहा कि इमाम हुसैन की शहादत के गम का इजहार करना है, जो घरों में किया जा सकता है। अंजुमनों ने निर्णय लिया कि धारा 144 लागू होने के कारण लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न करके घर में ही मजलिसों का आयोजन होगा। घर में ही मेहंदी रोशन कर मातम करें।
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हजरत कासिम अ. के तख्त-ए-मुबारक को सजाकर मीरसराय इमामबाड़े में ही रख दिया जाएगा। दो-दो व्यक्ति तख्त की जियारत कर इमामबाड़े पर ही मन्नत मान सकेंगे। अध्यक्षता कर रहे सैय्यद अली जायर जैदी ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर इमरान हुसैन, अय्यूब, कल्लू, डियर जैदी, कम्मन व कायम आदि मौजूद रहे।