{"_id":"68a60e48e32ba9d9b809addc","slug":"health-atms-installed-for-instant-test-reports-were-neglected-and-people-themselves-became-ill-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-136092-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: तुरंत जांच रिपोर्ट के लिए लगाए गए हेल्थ एटीएम अनदेखी का शिकार, खुद हो गए बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: तुरंत जांच रिपोर्ट के लिए लगाए गए हेल्थ एटीएम अनदेखी का शिकार, खुद हो गए बीमार
विज्ञापन
हरदोई। मरीजों को तत्काल जांच रिपोर्ट देने के लिए शासन ने हेल्थ एटीएम लगवाने की पहल की। इस पहल पर आर्थिक बोझ न पड़े इसलिए जनपद के दो मंत्रियों और एक एमएलसी ने अपनी निधि से बजट भी दे दिया।
बजट मिलने के कई माह बाद जैसे-तैसे हरदोई, कछौना और शाहाबाद में हेल्थ एटीएम की स्थापना हो पाई। विभागीय अधिकारी तो हेल्थ एटीएम से 140 तरह की जांच होने का दावा करते हैं लेकिन 21 तरह की जांचें तत्काल ही हो जाती हैं। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय जनता को राहत देने के लिए अपनी तिजोरी खोली लेकिन स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार व्यवस्था ही नहीं संभाल पाए। हेल्थ एटीएम अनदेखी का शिकार हुए और खुद ही बीमार हो गए। संवाद न्यूज एजेंसी ने जनपद में लगे तीन हेल्थ एटीएम की पड़ताल की। पेश है इसी पर एक रिपोर्ट ....
प्रकरण 1
हरदोई का हेल्थ एटीएम एक साल से खराब, चिट्ठी भेजकर औपचारिकता कर रहे पूरी
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला चिकित्सालय परिसर में हेल्थ एटीएम लगा है। हेल्थ एटीएम सदर विधायक और प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की क्षेत्रीय विकास निधि से लगाया गया था। जब यह हेल्थ एटीएम लगाया गया था तो विभागीय अधिकारियों ने दावा किया था कि इसमें 140 तरह की जांचें हो सकती हैं। 21 तरह की जांचें तो फौरन ही हो जाने का दावा किया गया था। लगभग एक साल से हेल्थ एटीएम खराब है। सीएमएस डॉ. सुबोध कुमार बताते हैं कि हेल्थ एटीएम की टच स्क्रीन खराब है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्थ एटीएम खराब होने के बारे में शासन को पत्र भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
प्रकरण - 2
कछौना में जांच की स्ट्रिप ही नहीं, हेल्थ एटीएम के कमरे का दरवाजा भी बंद
कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी हेल्थ एटीएम लगा है। यह हेल्थ एटीएम विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल की विधायक निधि से लगवाया गया था। बुधवार को हेल्थ एटीएम बंद मिला। जानकारी करने पर पता चला कि लैब टेक्नीशियन अस्वस्थ होने के कारण आए नहीं हैं। शुगर समेत कई जांच में इस्तेमाल होने वाली स्ट्रिप ही नहीं है। हेल्थ एटीएम दुरुस्त होने का दावा किया गया लेकिन यह भी बता दिया गया कि आमतौर पर कोई इससे जांच कराता नहीं है। बीपी और वजन के लिए जरूर हेल्थ एटीएम इस्तेमाल हो जाता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि कोई भी खामी होगी तो उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।
प्रकरण 3
शाहाबाद में मशीन ऑन, मरीज नहीं, साढ़े चार माह में 1600 जांचों का दावा
शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ एटीएम लगा है। इसकी स्थापना उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अपनी विधायक निधि से कराई थी। बुधवार को हेल्थ एटीएम मशीन ऑन तो मिली लेकिन आसपास न तो कोई ऑपरेटर नजर आया और न ही कोई मरीज। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीण दीक्षित का दावा है कि अप्रैल से अब तक 1600 जांचें हेल्थ एटीएम से की गई हैं। उनका कहना है कि जब कोई हेल्थ एटीएम से जांच कराने आता है तो पैथाेलॉजी के एलटी से जांच करवा दी जाती है।
विज्ञापन
बजट मिलने के कई माह बाद जैसे-तैसे हरदोई, कछौना और शाहाबाद में हेल्थ एटीएम की स्थापना हो पाई। विभागीय अधिकारी तो हेल्थ एटीएम से 140 तरह की जांच होने का दावा करते हैं लेकिन 21 तरह की जांचें तत्काल ही हो जाती हैं। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय जनता को राहत देने के लिए अपनी तिजोरी खोली लेकिन स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार व्यवस्था ही नहीं संभाल पाए। हेल्थ एटीएम अनदेखी का शिकार हुए और खुद ही बीमार हो गए। संवाद न्यूज एजेंसी ने जनपद में लगे तीन हेल्थ एटीएम की पड़ताल की। पेश है इसी पर एक रिपोर्ट ....
विज्ञापन
प्रकरण 1
हरदोई का हेल्थ एटीएम एक साल से खराब, चिट्ठी भेजकर औपचारिकता कर रहे पूरी
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला चिकित्सालय परिसर में हेल्थ एटीएम लगा है। हेल्थ एटीएम सदर विधायक और प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की क्षेत्रीय विकास निधि से लगाया गया था। जब यह हेल्थ एटीएम लगाया गया था तो विभागीय अधिकारियों ने दावा किया था कि इसमें 140 तरह की जांचें हो सकती हैं। 21 तरह की जांचें तो फौरन ही हो जाने का दावा किया गया था। लगभग एक साल से हेल्थ एटीएम खराब है। सीएमएस डॉ. सुबोध कुमार बताते हैं कि हेल्थ एटीएम की टच स्क्रीन खराब है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्थ एटीएम खराब होने के बारे में शासन को पत्र भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
प्रकरण - 2
कछौना में जांच की स्ट्रिप ही नहीं, हेल्थ एटीएम के कमरे का दरवाजा भी बंद
कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी हेल्थ एटीएम लगा है। यह हेल्थ एटीएम विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल की विधायक निधि से लगवाया गया था। बुधवार को हेल्थ एटीएम बंद मिला। जानकारी करने पर पता चला कि लैब टेक्नीशियन अस्वस्थ होने के कारण आए नहीं हैं। शुगर समेत कई जांच में इस्तेमाल होने वाली स्ट्रिप ही नहीं है। हेल्थ एटीएम दुरुस्त होने का दावा किया गया लेकिन यह भी बता दिया गया कि आमतौर पर कोई इससे जांच कराता नहीं है। बीपी और वजन के लिए जरूर हेल्थ एटीएम इस्तेमाल हो जाता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि कोई भी खामी होगी तो उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।
प्रकरण 3
शाहाबाद में मशीन ऑन, मरीज नहीं, साढ़े चार माह में 1600 जांचों का दावा
शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ एटीएम लगा है। इसकी स्थापना उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अपनी विधायक निधि से कराई थी। बुधवार को हेल्थ एटीएम मशीन ऑन तो मिली लेकिन आसपास न तो कोई ऑपरेटर नजर आया और न ही कोई मरीज। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीण दीक्षित का दावा है कि अप्रैल से अब तक 1600 जांचें हेल्थ एटीएम से की गई हैं। उनका कहना है कि जब कोई हेल्थ एटीएम से जांच कराने आता है तो पैथाेलॉजी के एलटी से जांच करवा दी जाती है।