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कहीं भीड़ तो कहीं सन्नाटे में वक्त बिताते दिखा कोरोना कर्फ्यू
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हरदोई। कोरोना काल में संक्रमण से ही नहीं अब काफी समय से चल रहे कोरोना कर्फ्यू से लोग भी बिलबिलाने लगे हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही बात है कि 24 मई के बाद कर्फ्यू न बढ़े तो ही बेहतर। शहरवासियों का कहना है कि गरीब परिवारों के आगे रोजी रोटी की समस्या आन खड़ी हुई है।
कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए जनपद में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया था। इसके बाद से नए कोरोना पॉजिटिव केस आने कम हो गए हैं।
भले ही कहीं ओर कोरोना कर्फ्यू के नियमों का शत प्रतिशत पालन हो रहा हो पर शहर कोरोना नियमों का पालन नहीं कर पा रहा है। दुकानें गाहे बगाहे बिक्री कर ही रहीं हैं।
लोग भी बाहर निकलकर खरीदारी कर रहे हैं। सड़कों पर भी भीड़ है। खास बात यह है कि भीड़ वहां नजर आ रही है जिस मार्ग पर दुकानें हैं। शहरवासी पीयूष मिश्रा, राजेश, रंजीत रस्तोगी आदि का कहना है कि 24 मई को कोरोना कर्फ्यू आगे न बढ़े तो ही बेहतर है।
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एक तरफ बड़े दुकानदार मान नहीं रहे हैं तो दूसरी ओर इसमें गरीब पटरी दुकानदार ही पिस रहा है और उसके सामने रोजी रोटी की समस्या आन पड़ रही है। बाजार को खोल दिया जाए भले ही नियम कड़े कर दिए जाएं।
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कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए जनपद में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया था। इसके बाद से नए कोरोना पॉजिटिव केस आने कम हो गए हैं।
भले ही कहीं ओर कोरोना कर्फ्यू के नियमों का शत प्रतिशत पालन हो रहा हो पर शहर कोरोना नियमों का पालन नहीं कर पा रहा है। दुकानें गाहे बगाहे बिक्री कर ही रहीं हैं।
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लोग भी बाहर निकलकर खरीदारी कर रहे हैं। सड़कों पर भी भीड़ है। खास बात यह है कि भीड़ वहां नजर आ रही है जिस मार्ग पर दुकानें हैं। शहरवासी पीयूष मिश्रा, राजेश, रंजीत रस्तोगी आदि का कहना है कि 24 मई को कोरोना कर्फ्यू आगे न बढ़े तो ही बेहतर है।
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एक तरफ बड़े दुकानदार मान नहीं रहे हैं तो दूसरी ओर इसमें गरीब पटरी दुकानदार ही पिस रहा है और उसके सामने रोजी रोटी की समस्या आन पड़ रही है। बाजार को खोल दिया जाए भले ही नियम कड़े कर दिए जाएं।