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Hardoi News: पूजन में मिट्टी के करवा का खास महत्व, होते पंचतत्व
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हरदोई। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी एक नवंबर को है। इसी तिथि में करवाचौथ का पूजन होगा। इस पर्व में मिट्टी के करवा का खास महत्व है। मिट्टी का करवा मां दुर्गा का प्रतीक होता है और इसमें पंचतत्व होते हैं। इसीलिए करवाचौथ पूजन में पीतल, तांबा व चांदी के करवा के साथ एक और करवा रखने का विधान है। मिट्टी के करवा को मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है और दूसरा करवा सुहागिन महिला का होता है।
करवाचौथ व्रत पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद के दीदार व अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत का परायण करतीं हैं। ज्योतिषाचार्य, वेदाचार्य संतोष कुमार मिश्रा, आचार्य उमाकांत शास्त्री, आचार्य सनतकुमार मिश्र ने बताया कि मिट्टी का करवा पंचतत्वों का प्रतीक माना जाता है। इसमें जल, मिट्टी, अग्नि, आकाश, वायु तत्व होते हैं और इन्हीं तत्वों से मानव का शरीर भी बना है।
बताया कि करवा में मिट्टी व पानी मिलाकर बनाया जाता है। यह भूमि व जल तत्व का प्रतीक है। फिर धूप व हवा से सुखाने के बाद आग में पकाया जाता है। बताया कि सनातन संस्कृति में पानी को परम ब्रह्म माना गया है और सभी जीवों की उत्पत्ति यहीं से हुई है। पूजन सामग्री में पासाही के चावल, चूरा, मीठी गटिया, सींक व सिंदूर आदि बाजार में आ गए हैं।
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दांपत्य जीवन को सुखी बनाता है मिट्टी का करवा
पंचतत्व और परमात्मा को साक्षी मानकर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के साथ ही दांपत्य जीवन को सुखी बनाने की कामना करतीं हैं। धार्मिक मान्यता है कि मिट्टी के करवा के पूजन से दांपत्य जीवन सुखी होता है।
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करवाचौथ व्रत पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद के दीदार व अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत का परायण करतीं हैं। ज्योतिषाचार्य, वेदाचार्य संतोष कुमार मिश्रा, आचार्य उमाकांत शास्त्री, आचार्य सनतकुमार मिश्र ने बताया कि मिट्टी का करवा पंचतत्वों का प्रतीक माना जाता है। इसमें जल, मिट्टी, अग्नि, आकाश, वायु तत्व होते हैं और इन्हीं तत्वों से मानव का शरीर भी बना है।
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बताया कि करवा में मिट्टी व पानी मिलाकर बनाया जाता है। यह भूमि व जल तत्व का प्रतीक है। फिर धूप व हवा से सुखाने के बाद आग में पकाया जाता है। बताया कि सनातन संस्कृति में पानी को परम ब्रह्म माना गया है और सभी जीवों की उत्पत्ति यहीं से हुई है। पूजन सामग्री में पासाही के चावल, चूरा, मीठी गटिया, सींक व सिंदूर आदि बाजार में आ गए हैं।
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दांपत्य जीवन को सुखी बनाता है मिट्टी का करवा
पंचतत्व और परमात्मा को साक्षी मानकर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के साथ ही दांपत्य जीवन को सुखी बनाने की कामना करतीं हैं। धार्मिक मान्यता है कि मिट्टी के करवा के पूजन से दांपत्य जीवन सुखी होता है।