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Hardoi News: डॉक्टर-नर्स नदारद, एंबुलेंस भी नहीं, 20 किमी दूर इलाज की मजबूरी
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फोटो- 15- अनंगपुर स्थित न्यू पीएचसी का हाल। संवाद
पचदेवरा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होती जा रही हैं। अनंगपुर में न्यू पीएचसी खुलने से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद थी लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से पीएचसी पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ महज खानापूर्ति तक सीमित रह गए हैं। इलाज के लिए मरीजों को यहां से 20 किमी दूर पाली या शाहाबाद जाना पड़ता है। तमाम मरीजों को समय से इलाज भी नहीं मिल पा रहा है।
अनंगपुर न्यू पीएचसी में करीब 10 साल पहले तक एमबीबीएस डॉक्टर तैनात थे। इससे आसपास के गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार की उम्मीद थी। अब चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। सामान्य बीमारी के उपचार के लिए भी ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। आपात स्थिति में मरीज को साधन संपन्न अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख आबादी के लिए मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
एंबुलेंस के लिए करना पड़ता इंतजार
अरुण कुमार और मदन पाल ने बताया कि रात में घायल होने पर मरीजों को उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए करीब 20 किमी दूर ले जाना पड़ता है। न्यू पीएचसी पर सुविधाएं न होने से मरीजों को 20 किमी दूर लेकर जाना पड़ता है। इसके लिए एंबुलेंस भी नहीं मिलती। 108 या फिर 102 नंबर पर कॉल करने पर काफी देर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई लोग अपने मरीजों को निजी साधनों से लेकर चले जाते हैं। गांव वालों ने अनंगपुर पीएचसी में स्थायी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की।
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सीएचसी की सुविधाएं मिले तो बने बात
गांव निवासी संदीप सिंह, अश्विनी सिंह, आरोचन पाठक, राघवेंद्र और अजीत ने कहा कि करीब डेढ़ लाख की आबादी के लिए मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाएं नाकाफी हैं। अनंगपुर पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देकर डॉक्टरों, विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाए। जांच, प्रसव, दवा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
बिल्सरी में भी प्रसव कक्ष बना कबाड़घर
बिल्सरी न्यू पीएचसी के प्रसव कक्ष में कबाड़ भरा है। छत टपकने के साथ कई कमरों में दरवाजे-खिड़कियां नहीं हैं। बिजली की वायरिंग अधूरी है और बेड के गद्दे फटे हैं। पानी की टंकी और बाउंड्रीवॉल भी खराब हैं।
अनंगपुर में डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात हैं अगर मौके पर नहीं मिलते हैं तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। दवाओं की उपलब्धता भी है। वहीं एंबुलेंस के लिए एक स्थान निर्धारित किया गया है। टोल फ्री नंबर पर कॉल कर बुलाया जा सकता है। -डॉ. विनीत तिवारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पाली
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अनंगपुर न्यू पीएचसी में करीब 10 साल पहले तक एमबीबीएस डॉक्टर तैनात थे। इससे आसपास के गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार की उम्मीद थी। अब चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। सामान्य बीमारी के उपचार के लिए भी ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। आपात स्थिति में मरीज को साधन संपन्न अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख आबादी के लिए मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
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एंबुलेंस के लिए करना पड़ता इंतजार
अरुण कुमार और मदन पाल ने बताया कि रात में घायल होने पर मरीजों को उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए करीब 20 किमी दूर ले जाना पड़ता है। न्यू पीएचसी पर सुविधाएं न होने से मरीजों को 20 किमी दूर लेकर जाना पड़ता है। इसके लिए एंबुलेंस भी नहीं मिलती। 108 या फिर 102 नंबर पर कॉल करने पर काफी देर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई लोग अपने मरीजों को निजी साधनों से लेकर चले जाते हैं। गांव वालों ने अनंगपुर पीएचसी में स्थायी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की।
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सीएचसी की सुविधाएं मिले तो बने बात
गांव निवासी संदीप सिंह, अश्विनी सिंह, आरोचन पाठक, राघवेंद्र और अजीत ने कहा कि करीब डेढ़ लाख की आबादी के लिए मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाएं नाकाफी हैं। अनंगपुर पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देकर डॉक्टरों, विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाए। जांच, प्रसव, दवा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
बिल्सरी में भी प्रसव कक्ष बना कबाड़घर
बिल्सरी न्यू पीएचसी के प्रसव कक्ष में कबाड़ भरा है। छत टपकने के साथ कई कमरों में दरवाजे-खिड़कियां नहीं हैं। बिजली की वायरिंग अधूरी है और बेड के गद्दे फटे हैं। पानी की टंकी और बाउंड्रीवॉल भी खराब हैं।
अनंगपुर में डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात हैं अगर मौके पर नहीं मिलते हैं तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। दवाओं की उपलब्धता भी है। वहीं एंबुलेंस के लिए एक स्थान निर्धारित किया गया है। टोल फ्री नंबर पर कॉल कर बुलाया जा सकता है। -डॉ. विनीत तिवारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पाली

फोटो- 15- अनंगपुर स्थित न्यू पीएचसी का हाल। संवाद

फोटो- 15- अनंगपुर स्थित न्यू पीएचसी का हाल। संवाद