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Hardoi News: बदलते मौसम में बढ़ा बीमारियों का प्रकोप, नौ दिन में मिले डेंगू के 16 मरीज
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फोटो- 21- पैथोलॉजी के बाहर जांच कराने के लिए लगी मरीज व तीमारदारों की कतार। संवाद
हरदोई। मौसम में बदलाव के साथ संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। बारिश के बाद निकली धूप और वातावरण में बढ़ी नमी का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बुखार, कमजोरी और अन्य लक्षणों से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़ लग रही है। जांच में डेंगू, टाइफाइड और मलेरिया के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ गई है।
पिछले एक सप्ताह से दिन में तेज धूप, रात के तापमान में गिरावट और ओस पड़ने के कारण दिन और रात के पारे में अंतर बढ़ गया है। कभी-कभार बादल छाने से भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। सेहत पर इस असर के चलते मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहले जहां प्रतिदिन 200 से 250 मरीज पहुंच रहे थे वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 300 से 400 तक पहुंच गया है। डॉक्टर परामर्श लेने आए मरीजों की जांच करवा रहे हैं। इनमें लोग तमाम डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड से पीड़ित मिल रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में एक से 10 अक्तूबर तक कराई गई जांचों के आंकड़ों के अनुसार अभी तक डेंगू के 16 मरीज मिल चुके हैं जबकि टाइफाइड के 28 और मलेरिया के भी 26 मरीज मिले हैं। हालांकि अभी तक कोई गंभीर मरीज नहीं आया। मरीजों को दवाएं और परामर्श देकर उनका इलाज किया जा रहा है।
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लक्षण दिखने पर जांच कराने की सलाह
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि बदलते मौसम में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी या लगातार तबीयत खराब रहने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ऐसे लक्षण दिखने पर चिकित्सीय परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए। एंटीबायोटिक दवाएं बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए। साथ ही आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
इन बातों का रखें ख्याल
घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
कहीं भी पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमले, टायर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।
मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करें।
पीने के लिए साफ या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें।
खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
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पिछले एक सप्ताह से दिन में तेज धूप, रात के तापमान में गिरावट और ओस पड़ने के कारण दिन और रात के पारे में अंतर बढ़ गया है। कभी-कभार बादल छाने से भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। सेहत पर इस असर के चलते मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहले जहां प्रतिदिन 200 से 250 मरीज पहुंच रहे थे वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 300 से 400 तक पहुंच गया है। डॉक्टर परामर्श लेने आए मरीजों की जांच करवा रहे हैं। इनमें लोग तमाम डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड से पीड़ित मिल रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में एक से 10 अक्तूबर तक कराई गई जांचों के आंकड़ों के अनुसार अभी तक डेंगू के 16 मरीज मिल चुके हैं जबकि टाइफाइड के 28 और मलेरिया के भी 26 मरीज मिले हैं। हालांकि अभी तक कोई गंभीर मरीज नहीं आया। मरीजों को दवाएं और परामर्श देकर उनका इलाज किया जा रहा है।
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लक्षण दिखने पर जांच कराने की सलाह
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि बदलते मौसम में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी या लगातार तबीयत खराब रहने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ऐसे लक्षण दिखने पर चिकित्सीय परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए। एंटीबायोटिक दवाएं बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए। साथ ही आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
इन बातों का रखें ख्याल
घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
कहीं भी पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमले, टायर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।
मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करें।
पीने के लिए साफ या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें।
खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।