{"_id":"6588821a5a5bb91f5509f3f4","slug":"certificates-made-for-364-disabled-people-166-selected-for-assistive-devices-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-8401-2023-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: 364 दिव्यांगों के बने प्रमाण पत्र, 166 सहायक उपकरण के लिए चयनित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: 364 दिव्यांगों के बने प्रमाण पत्र, 166 सहायक उपकरण के लिए चयनित
Mon, 25 Dec 2023 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 25 Dec 2023 12:40 AM IST
विज्ञापन
हरदोई। जिला प्रशासन और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को राजकीय इंटर काॅलेज के मैदान में दिव्यांग मेला का आयोजन किया गया। मेले में सभी 19 विकास खंडों से आए 1957 दिव्यांगों का पंजीकरण किया गया। इसके बाद मैदान में लगे अलग अलग काउंटरों पर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने, सहायक उपकरण के लिए परीक्षण कराने का कार्य पूरा किया गया। मेले के दौरान 364 दिव्यांगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर सौंप दिए गए। एलिम्को की ओर से सहायक उपकरण के लिए 166 दिव्यांगों को चिहिन्त कर लिया गया। मेले के दौरान डीएम एमपी सिंह ने घोषणा की है कि अगले तीन माह के अंदर हर ग्राम पंचायत के दिव्यांग का सर्टिफिकेट भी बनेगा और नियमों के मुताबिक उसे सहायक उपकरण भी दिलाया जाएगा।
जीआईसी मैदान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम एमपी सिंह ने एडीएम प्रियंका सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रशांत तिवारी, परियोजना निदेशक गजेंद्र तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा. राम प्रकाश व दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी रिचा गुप्ता की मौजूदगी में किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से यह मेला आयोजित हुआ है। मेले में बड़ी संख्या में दिव्यांगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
उन्हाेंने कहा कि आय प्रमाण पत्र न होने की वजह से बड़ी संख्या में दिव्यांगों का सहायक उपकरण के लिए परीक्षण नहीं हो पाया है। इसलिए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से संबंधित गांव के दिव्यांगों की सूची मंगवाकर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। मेले के दौरान दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए 505 लोगों ने पंजीकरण कराया। इनमें से 364 के प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। 99 दिव्यांगों को बेरा मशीन से टेस्ट के लिए लखनऊ रेफर किया गया हैं। 42 लोगों के प्रमाण पत्र पहले से ही बने हुए थे। एलिम्को की टीम ने 166 लोगों को सहायक उपकरण देने के लिए चिहिन्त किया है।
विज्ञापन
एलिम्को टीम के पास सहायक उपकरण के लिए 203 ऐसे लोग भी पहुंचे जिनके पास आय प्रमाण पत्र नहीं था। ऐसे लोगों को डीएम की ओर से आयोजित किए जाने वाले तहसील स्तरीय शिविरों में लाभांवित किया जाएगा। सहायक उपकरण के लिए एलिम्को की टीम के पास 189 लोग ऐसे भी पहुंचे जिन्हें तीन साल के अंदर ही सहायक उपकरण दिया जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान सीएमओ डा. रोहताश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. पंकज मिश्रा और डा. जितेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे। स्काउट गाइड ने भी व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीओ सिटी अंकित मिश्रा भी लगातार आयोजन स्थल पर बने रहे।
...भरोसा रखिए तीन माह के अंदर हर किसी को मिल जाएगा सहायक उपकरण
डीएम एमपी सिंह ने दिव्यांगजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भरोसा रखें। तीन माह के अंदर हर दिव्यांग को नियम और जरूरत के हिसाब से सहायक उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को सहायक उपकरण फरवरी में अमर उजाला के सहयोग से मिल जाएंगे और जो भी पात्र बचेंगे उन्हें जिला प्रशासन उपकरण दिलवाएगा।
डीएम ने खुद संभाली व्यवस्थाएं, सिटी मजिस्ट्रेट दिन भर रहे सक्रिय
डीएम एमपी सिंह ने दिव्यांग मेले की व्यवस्थाएं खुद संभालीं। जो भी दिव्यांग उन्हें समस्या बताता, डीएम फौरन ही उसका समाधान कराते रहे। बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांगजनों ने भी पंजीकरण करा लिया था, जिन्हें या तो आवासीय योजना का लाभ नहीं मिला या फिर जिनके पास शौचालय नहीं था। ऐसे लोगों के भी आवेदन डीएम ने अपने पास रखवा लिए और फिर संंबंधित अधिकारियों के साथ ही खंड विकास अधिकारियों को भी परीक्षण कर पात्रता के आधार पर लाभ देने के निर्देश दिए। नगर मजिस्ट्रेट प्रशांत तिवारी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुबह नौ बजे से ही मेेले में पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट दिव्यांगों को मैदान से रवाना करने के बाद ही देर शाम निकले।
विज्ञापन
जीआईसी मैदान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम एमपी सिंह ने एडीएम प्रियंका सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रशांत तिवारी, परियोजना निदेशक गजेंद्र तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा. राम प्रकाश व दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी रिचा गुप्ता की मौजूदगी में किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से यह मेला आयोजित हुआ है। मेले में बड़ी संख्या में दिव्यांगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उन्हाेंने कहा कि आय प्रमाण पत्र न होने की वजह से बड़ी संख्या में दिव्यांगों का सहायक उपकरण के लिए परीक्षण नहीं हो पाया है। इसलिए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से संबंधित गांव के दिव्यांगों की सूची मंगवाकर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। मेले के दौरान दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए 505 लोगों ने पंजीकरण कराया। इनमें से 364 के प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। 99 दिव्यांगों को बेरा मशीन से टेस्ट के लिए लखनऊ रेफर किया गया हैं। 42 लोगों के प्रमाण पत्र पहले से ही बने हुए थे। एलिम्को की टीम ने 166 लोगों को सहायक उपकरण देने के लिए चिहिन्त किया है।
विज्ञापन
एलिम्को टीम के पास सहायक उपकरण के लिए 203 ऐसे लोग भी पहुंचे जिनके पास आय प्रमाण पत्र नहीं था। ऐसे लोगों को डीएम की ओर से आयोजित किए जाने वाले तहसील स्तरीय शिविरों में लाभांवित किया जाएगा। सहायक उपकरण के लिए एलिम्को की टीम के पास 189 लोग ऐसे भी पहुंचे जिन्हें तीन साल के अंदर ही सहायक उपकरण दिया जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान सीएमओ डा. रोहताश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. पंकज मिश्रा और डा. जितेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे। स्काउट गाइड ने भी व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीओ सिटी अंकित मिश्रा भी लगातार आयोजन स्थल पर बने रहे।
...भरोसा रखिए तीन माह के अंदर हर किसी को मिल जाएगा सहायक उपकरण
डीएम एमपी सिंह ने दिव्यांगजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भरोसा रखें। तीन माह के अंदर हर दिव्यांग को नियम और जरूरत के हिसाब से सहायक उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को सहायक उपकरण फरवरी में अमर उजाला के सहयोग से मिल जाएंगे और जो भी पात्र बचेंगे उन्हें जिला प्रशासन उपकरण दिलवाएगा।
डीएम ने खुद संभाली व्यवस्थाएं, सिटी मजिस्ट्रेट दिन भर रहे सक्रिय
डीएम एमपी सिंह ने दिव्यांग मेले की व्यवस्थाएं खुद संभालीं। जो भी दिव्यांग उन्हें समस्या बताता, डीएम फौरन ही उसका समाधान कराते रहे। बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांगजनों ने भी पंजीकरण करा लिया था, जिन्हें या तो आवासीय योजना का लाभ नहीं मिला या फिर जिनके पास शौचालय नहीं था। ऐसे लोगों के भी आवेदन डीएम ने अपने पास रखवा लिए और फिर संंबंधित अधिकारियों के साथ ही खंड विकास अधिकारियों को भी परीक्षण कर पात्रता के आधार पर लाभ देने के निर्देश दिए। नगर मजिस्ट्रेट प्रशांत तिवारी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुबह नौ बजे से ही मेेले में पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट दिव्यांगों को मैदान से रवाना करने के बाद ही देर शाम निकले।