फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Blood clotting ability cannot be tested in heart and liver patients.

Hardoi News: हृदय व लिवर रोगियों में रक्त जमने की क्षमता की नहीं हो पा रही जांच

Thu, 24 Sep 2026 11:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 11:11 PM IST
विज्ञापन
Blood clotting ability cannot be tested in heart and liver patients.
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में पूरी तरह से सुधार नहीं हो पा रहा है। सेंट्रल लैब की पैथोलॉजी में कुछ जरूरी जांचों का रीजेंट बीते कई दिनों से खत्म हो गया है। ऐसे में हृदय और लिवर रोगियों के लिए महत्वपूर्ण पीटी-आईएनआर जांच बीते कई दिनों से नहीं हो रही हैं। इन बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जांच कराने के के लिए निजी लैबों पर जाना पड़ता है जहां जांचों के लिए मरीजों को अधिक मूल्य खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


सेंट्रल लैब की पैथोलॉजी में मरीजों की जांच सुविधाओं को बढ़ाते हुए अभी 10 माह पहले ही रक्त में थक्का जमने की क्षमता की जांच करने के लिए पीटी-आईएनआर जांच की सुविधा शुरू की गई थी। बता दें कि पीटी-आईएनआर जांच खून के जमने की क्षमता का आकलन करने में महत्वपूर्ण होती है। इसका उपयोग रक्तस्राव संबंधी विकारों, लिवर की बीमारी, विटामिन-के की कमी और अन्य ऐसी स्थितियों को जांचने में किया जाता है जिनमें रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। डॉक्टर मरीजों में बीमारी की स्थिति समझने और उपचार की दिशा तय करने के लिए इन जांचों की रिपोर्ट पर निर्भर रहते हैं।
विज्ञापन

पैथोलॉजी में रीजेंट न होने की वजह से जांच न होने के कारण मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा है। वहीं रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर चिकित्सकों के लिए मरीज की बीमारी का समय पर पता नहीं चल पा रहा है और उपचार शुरू नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार आयरन प्रोफाइल की जांच न होने से शरीर में आयरन की स्थिति से संबंधित समस्या का आकलन नहीं हो पा रही है। इस वजह से मरीज और तीमारदारों को बाहरी निजी पैथोलॉजी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



जांच बंद होने से बढ़ी मरीजों की मुश्किलें
मेडिकल कॉलेज में दूर दराज इलाके के तमाम मरीज आते हैं। वह लोग इसी उम्मीद में आते हैं कि यहां बेहतर इलाज हो सकेगा लेकिन मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं। पैथोलॉजी में भी आए दिन किसी न किसी वजह से कोई न कोई जांच प्रभावित रहती है। ऐसे में जांच कराने की उम्मीद लेकर आने के बाद उन्हें बाहर भेजा जा रहा है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। मरीजों का कहना है कि पैथोलॉजी में बंद पड़ी जांचों को जल्द शुरू कराया जाए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed