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Hardoi News: 42 साल बाद बालामऊ विधायक रामपाल बरी
Sat, 25 Feb 2023 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 25 Feb 2023 12:00 AM IST
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हरदोई। हत्या, चोरी आदि के मामले में बालामऊ विधान सभा सीट के विधायक रामपाल को एमपी-एमएलए कोर्ट ने 42 साल बार संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट सत्यदेव गुप्ता ने दोनों पक्षों के तर्कों, गवाहों को सुनने के बाद फैसला दिया है। उन्होंने वादी मुकदमा सहित तीन गवाही देने वालों पर कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।
गोविंदपुर निवासी विनोद कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 21 सितंबर 1981 को वह अपने पिता श्याम बिहारी, चचेरे भाई रजनेश और सत्यदेव के साथ साइकिल से पिरकापुर बाजार जा रहे थे। कहा कि नगवा निवासी मामा सुरेश से कुबेर आदि की रंजिश चल रही थी, इससे यह लोग उन लोगों से भी रंजिश मानते हैं। शाम को बाजार जाते समय गोबरहा के सामने पहुंचे तो कुछ विरोधी रास्ते में दिखाई दिए। बचाव के लिए वह लोग गोबरहा की ओर भागे तो वहां पर घात लगाए लोग बैठे थे। कुबेर के साथ (वर्तमान विधायक)रामपाल , सुरेश, शिवराज, चंद्रप्रकाश, महेश, मनोहर, बराती व बिंदा बंदूक लिए खड़े थे, जबकि संग्राम सिंह और योगेंद्र प्रताप राइफल लिए थे। इन लोगों ने फायर कर उसके पिता श्याम बिहारी की हत्या कर दी। आरोपियों की साइकिलें मौके पर ही छूट गई थी।
प्रकरण के विवेचनाधिकारी ने कुबेर, सुरेंद्र, शिवराज, गंगाराम, भारती, भारती लाल, मनोहर, चंद्र प्रकाश के विरूद्ध आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका था। इसके बाद रामपाल और महेश के विरुद्ध बाद में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। बताया गया कि इस आरोप पत्र में शामिल आरोपित महेश की मौत दौरान वाद सुनवाई हो गई थी। इससे इस मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए लगाया गया।
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विशेष लोक अभियोजक सांसद/विधायक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्रकरण की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक ने संदेह के का लाभ देकर बालामऊ विधायक रामपाल को दोषमुक्त करार दिया है। उन्होंने वादी मुकदमा विनोद कुमार, गवाह रजनीश कुमार मिश्रा एवं सत्यवेद के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं।
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गोविंदपुर निवासी विनोद कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 21 सितंबर 1981 को वह अपने पिता श्याम बिहारी, चचेरे भाई रजनेश और सत्यदेव के साथ साइकिल से पिरकापुर बाजार जा रहे थे। कहा कि नगवा निवासी मामा सुरेश से कुबेर आदि की रंजिश चल रही थी, इससे यह लोग उन लोगों से भी रंजिश मानते हैं। शाम को बाजार जाते समय गोबरहा के सामने पहुंचे तो कुछ विरोधी रास्ते में दिखाई दिए। बचाव के लिए वह लोग गोबरहा की ओर भागे तो वहां पर घात लगाए लोग बैठे थे। कुबेर के साथ (वर्तमान विधायक)रामपाल , सुरेश, शिवराज, चंद्रप्रकाश, महेश, मनोहर, बराती व बिंदा बंदूक लिए खड़े थे, जबकि संग्राम सिंह और योगेंद्र प्रताप राइफल लिए थे। इन लोगों ने फायर कर उसके पिता श्याम बिहारी की हत्या कर दी। आरोपियों की साइकिलें मौके पर ही छूट गई थी।
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प्रकरण के विवेचनाधिकारी ने कुबेर, सुरेंद्र, शिवराज, गंगाराम, भारती, भारती लाल, मनोहर, चंद्र प्रकाश के विरूद्ध आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका था। इसके बाद रामपाल और महेश के विरुद्ध बाद में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। बताया गया कि इस आरोप पत्र में शामिल आरोपित महेश की मौत दौरान वाद सुनवाई हो गई थी। इससे इस मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए लगाया गया।
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विशेष लोक अभियोजक सांसद/विधायक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्रकरण की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक ने संदेह के का लाभ देकर बालामऊ विधायक रामपाल को दोषमुक्त करार दिया है। उन्होंने वादी मुकदमा विनोद कुमार, गवाह रजनीश कुमार मिश्रा एवं सत्यवेद के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं।