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आग तो थमी, पर लोग भड़क उठे
Hardoi
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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अतरौली (हरदोई)। अतरौली थानाक्षेत्र के मंडौली मजरा कौड़िया में शुक्रवार की रात में अचानक आग लग जाने के कारण भारी कोहराम हुआ। आग बुझाने के बाद आयी पुलिस को घेरकर ग्रामीणों ने भारी हंगामा किया। बाद में थानाध्यक्ष ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया।
मिली जानकारी के अनुसार मंडौली में दलित मंसा के एक घर के छप्पर में आधी रात को आग लग गई, जो धीरे धीरे आग फैलने लगी। हालांकि काफी मशक्कत करके पूरे गांव के लोगों ने आग पर जैसे-तैसे काबू पाया। इसके बाद कुछ लोगों ने गांव के ही दो युवकों पर छप्पर में आग लगाने का शक होने पर उनसे पूछताछ करने लगे। युवकों के परिजनों ने ग्राम प्रधान को जानकारी दी, तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर दो पुलिसकर्मी आ गए। पुलिसकर्मियों द्वारा युवकों का पक्ष लिए जाने पर पूरे गांव के लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और हंगामा के साथ तीखी झड़पें होने लगीं। पुलिसकर्मियों ने थानाध्यक्ष बीपी यादव को मामले की गंभीरता मोबाइल से बताया। भारी पुलिस बल के साथ थानाध्यक्ष रात में ही मंडौली पहुंच गए। जहां पर हंगामा कर रही बेकाबू जनता को बड़ी मुश्किल से समझा-बुझाकर थानाध्यक्ष ने शांत कराया और ग्रामीणों के मध्य फंसे पुलिसकर्मियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस कुछ युवकों को अपने साथ लेकर चली गई, जिनको बाद में छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष बीपी यादव ने बताया कि कुछ लोग नशे में होने के कारण हंगामा करने लगे, जिन्हें समझा दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गत वर्ष मंडौली में लगी भीषण आग से पूरा गांव जलकर राख हो गया था। एसडीएम समेत अफसरों और नेताओं ने गांव को पहुंचकर सहायता राशि व कालोनी दिलाने का वादा किया था, किंतु वादा पूरा नहीं होने पर गांव के लोग नाराज हो गए। उस आग की पीड़ा अभी तक ग्रामीणों में कायम है। इसी नाराजगी के चलते शुक्रवार की रात में आग लगने पर गांव के लोग अचानक भड़क गए।
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मिली जानकारी के अनुसार मंडौली में दलित मंसा के एक घर के छप्पर में आधी रात को आग लग गई, जो धीरे धीरे आग फैलने लगी। हालांकि काफी मशक्कत करके पूरे गांव के लोगों ने आग पर जैसे-तैसे काबू पाया। इसके बाद कुछ लोगों ने गांव के ही दो युवकों पर छप्पर में आग लगाने का शक होने पर उनसे पूछताछ करने लगे। युवकों के परिजनों ने ग्राम प्रधान को जानकारी दी, तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर दो पुलिसकर्मी आ गए। पुलिसकर्मियों द्वारा युवकों का पक्ष लिए जाने पर पूरे गांव के लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और हंगामा के साथ तीखी झड़पें होने लगीं। पुलिसकर्मियों ने थानाध्यक्ष बीपी यादव को मामले की गंभीरता मोबाइल से बताया। भारी पुलिस बल के साथ थानाध्यक्ष रात में ही मंडौली पहुंच गए। जहां पर हंगामा कर रही बेकाबू जनता को बड़ी मुश्किल से समझा-बुझाकर थानाध्यक्ष ने शांत कराया और ग्रामीणों के मध्य फंसे पुलिसकर्मियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस कुछ युवकों को अपने साथ लेकर चली गई, जिनको बाद में छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष बीपी यादव ने बताया कि कुछ लोग नशे में होने के कारण हंगामा करने लगे, जिन्हें समझा दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गत वर्ष मंडौली में लगी भीषण आग से पूरा गांव जलकर राख हो गया था। एसडीएम समेत अफसरों और नेताओं ने गांव को पहुंचकर सहायता राशि व कालोनी दिलाने का वादा किया था, किंतु वादा पूरा नहीं होने पर गांव के लोग नाराज हो गए। उस आग की पीड़ा अभी तक ग्रामीणों में कायम है। इसी नाराजगी के चलते शुक्रवार की रात में आग लगने पर गांव के लोग अचानक भड़क गए।
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