UP: आठवीं - दसवीं पास तीन शातिर गिरफ्तार, 52 मोबाइल नंबर पोर्ट करा की साइबर ठगी, पूछताछ जारी
Hardoi News: साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक वहीद अहमद ने बताया कि ज्ञानेंद्र ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर ही 52 मोबाइल नंबर पोर्ट करा लिए थे। अश्लील फोटो वायरल किए जाने की जांच के दौरान ज्ञानेंद्र का पता चला और इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।
विस्तार
हरदोई जिले में मोबाइल नंबर पोर्ट कर ओटीपी हासिल कर साइबर ठगी करने वाले तीन शातिरों को साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी करने की कोशिश में 15 दिन से लगी टीम ने 60 मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली। पोर्ट किए गए 52 मोबाइल नंबरों का ब्योरा तलाशा और तीन आईपी एड्रेस खोजने के बाद सफलता हासिल कर ली।
खास बात यह है कि गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों में एक आठवीं तक पढ़ा है, तो दूसरा हाईस्कूल पास है। तीसरा शातिर बीकॉम तक पढ़ा है। मझिला निवासी कौशल किशोर ने लगभग 15 दिन पहले शिकायत दर्ज कराई थी कि इंस्टाग्राम आईडी से उनकी अश्लील तस्वीर बनाकर वायरल की गई है। इसी तरह मझिला क्षेत्र के ही निवासी बाबूराम नने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके दो बैंक खातों से लगभग तीन लाख रुपये साइबर फ्रॉड के जरिए निकल गए।
धन्नूपुरवा निवासी संतोष ने भी बैंक खाते से यूपीआई के जरिए रुपये निकल जाने की शिकायत की थी। तीनों शिकायतों पर साइबर थाने की टीम काम कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि तीनों के साथ घटनाओं को अंजाम देने वाले एक दूसरे से जुड़े हैं। इसके बाद एक एक कर 52 मोबाइल नंबर तीन लोगों के जरिए पोर्ट कराए जाने की जानकारी मिली।
अलग-अलग यूपीआई पर ट्रांसफर कर लेता था धन
साठ मोबाइलों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने धन्नूपुरवा निवासी ज्ञानेंद्र, कौथेलिया निवासी अजीत और बहेड़ा रसूलपुर निवासी रामसुमिरन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि इनका मास्टर माइंड रामसुमिरन है। राम सुमिरन मोबाइल नंबर पोर्ट करा लेता था और ओटीपी पूछकर यूपीआई बना लेता था। इसके बाद अपनी अलग-अलग यूपीआई पर धन ट्रांसफर कर लेता था।
खुलासा करने वाली टीम में ये लोग रहे शामिल
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। इनमें राम सुमिरन बीकॉम तक पढ़ा है, ज्ञानेंद्र आठवीं पास है, जबकि अजीत हाईस्कूल तक पढ़ा है। खुलासा करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक वहीद अहमद, निरीक्षक अरविंद राय, सिपाही तरुण कुमार शर्मा, दीवान सतीश अवस्थी, अजय सिंह, प्रमोद कुमार शामिल रहे।
52 मोबाइल नंबर करा लिए थे पोर्ट
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक वहीद अहमद ने बताया कि ज्ञानेंद्र ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर ही 52 मोबाइल नंबर पोर्ट करा लिए थे। अश्लील फोटो वायरल किए जाने की जांच के दौरान ज्ञानेंद्र का पता चला और इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। इन लोगों ने कितने लोगों से ठगी की है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फौरी तौर पर बाबूराम के खाते से निकले 2,78,360 रुपये में से एक लाख रुपये उनके खाते में वापस करा दिए गए हैं। बाकी रुपयों पर होल्ड लगा दिया गया है, जो वापस आ जाएंगे।