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Hardoi News: प्रधान और छह कर्मियों से होगी 45 लाख की वसूली
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पीडीएफ-15
- मनरेगा में 27 कामों को फर्जी दिखाकर निकाला गया भुगतान, डीएम ने दिए आदेश
- कार्यक्रम अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा के तहत 27 कार्यों को फर्जी दिखाकर भुगतान निकालने के मामले में डीएम अनुनय झा ने कार्रवाई की है। उन्होंने प्रधान और छह कर्मियों से 45 लाख से अधिक रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। हरियावां के कार्यक्रम अधिकारी को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। पांच पंचायत सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, दो तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सेवक की संविदा समाप्त की जाएगी।
विकास खंड हरियावां की ग्राम पंचायत अरवा गजाधरपुर में मनरेगा मद से कराए गए कार्यों की जांच उपायुक्त ने की थी। जांच में 27 कार्यों को नाम बदलकर फर्जी दिखाकर भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हुई थी। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद दोष सिद्ध होने पर अरवा गजाधरपुर की प्रधान रीतू, पंचायत सचिव आकाश पाल, अभिषेक सिंह, विजय कुमार, अजय पाल, अमित कृष्ण श्रीवास्तव, तकनीकी सहायक विजय पाल व आदित्य द्विवेदी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी से दुरुपयोग रुपये की वसूली की जाएगी। ग्राम रोजगार सेवक कासिम बेग की संविदा समाप्त किए जाने की कार्रवाई कराएंगे।
बताया कि 27 कार्यों पर 45,29,234 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। प्रधान रीतू से दुरुपयोग राशि के 33 प्रतिशत करीब 15,09,745 रुपये की वसूली होगी। जबकि 30,19,489 रुपये से तैनाती अवधि में कराए गए काम और भुगतान के अनुसार पंचायत सचिवों और तकनीकी सहायक से वसूली की जाएगी।
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बताया कि जिला विकास अधिकारी को आदेश दिए गए हैं कि वह ग्राम विकास अधिकारी आकाश पाल और अभिषेक सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए वसूली सुनिश्चित करें। डीपीआरओ को आदेश दिए गए हैं कि वह प्रधान रीतू से वसूली के साथ ही पंचायतीराज अधिनियम में कार्रवाई प्रस्तावित करें। ग्राम पंचायत अधिकारी अजय पाल, अमित कृष्ण श्रीवास्तव और विजय कुमार से वसूली करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करें। श्रम रोजगार उपायुक्त को आदेश दिए गए हैं कि वह तकनीकी सहायकों से वसूली करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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- मनरेगा में 27 कामों को फर्जी दिखाकर निकाला गया भुगतान, डीएम ने दिए आदेश
- कार्यक्रम अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा के तहत 27 कार्यों को फर्जी दिखाकर भुगतान निकालने के मामले में डीएम अनुनय झा ने कार्रवाई की है। उन्होंने प्रधान और छह कर्मियों से 45 लाख से अधिक रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। हरियावां के कार्यक्रम अधिकारी को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। पांच पंचायत सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, दो तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सेवक की संविदा समाप्त की जाएगी।
विकास खंड हरियावां की ग्राम पंचायत अरवा गजाधरपुर में मनरेगा मद से कराए गए कार्यों की जांच उपायुक्त ने की थी। जांच में 27 कार्यों को नाम बदलकर फर्जी दिखाकर भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हुई थी। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद दोष सिद्ध होने पर अरवा गजाधरपुर की प्रधान रीतू, पंचायत सचिव आकाश पाल, अभिषेक सिंह, विजय कुमार, अजय पाल, अमित कृष्ण श्रीवास्तव, तकनीकी सहायक विजय पाल व आदित्य द्विवेदी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी से दुरुपयोग रुपये की वसूली की जाएगी। ग्राम रोजगार सेवक कासिम बेग की संविदा समाप्त किए जाने की कार्रवाई कराएंगे।
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बताया कि 27 कार्यों पर 45,29,234 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। प्रधान रीतू से दुरुपयोग राशि के 33 प्रतिशत करीब 15,09,745 रुपये की वसूली होगी। जबकि 30,19,489 रुपये से तैनाती अवधि में कराए गए काम और भुगतान के अनुसार पंचायत सचिवों और तकनीकी सहायक से वसूली की जाएगी।
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बताया कि जिला विकास अधिकारी को आदेश दिए गए हैं कि वह ग्राम विकास अधिकारी आकाश पाल और अभिषेक सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए वसूली सुनिश्चित करें। डीपीआरओ को आदेश दिए गए हैं कि वह प्रधान रीतू से वसूली के साथ ही पंचायतीराज अधिनियम में कार्रवाई प्रस्तावित करें। ग्राम पंचायत अधिकारी अजय पाल, अमित कृष्ण श्रीवास्तव और विजय कुमार से वसूली करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करें। श्रम रोजगार उपायुक्त को आदेश दिए गए हैं कि वह तकनीकी सहायकों से वसूली करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करें।