वन कर्मियों को भीड़ ने पीटा: खनन रोकने गए थे दरोगा और चौकीदार, लोगों ने की मारपीट और कागज फाड़े, देखें वीडियो
वन दरोगा की तहरीर के अनुसार, गश्त के दौरान टीम ने वार्ड नयाबांस में भैंसा-बुग्गी से अवैध रेत-बालू खनन कर रहे लोगों को रोका। रोकने पर खनन में संलिप्त लोग भड़क गए और वनकर्मियों पर हमला बोल दिया।
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हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नयाबांस में सोमवार शाम को वन विभाग और ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक और हाथापाई हुई। अवैध रूप से किए जा रहे बालू खनन को रोकने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों पर खनन में लिप्त लोगों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने वन दरोगा और चौकीदार के साथ मारपीट की और सरकारी कागजात भी फाड़ डाले। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वन दरोगा जयपाल सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह सोमवार शाम को वन विभाग की टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान वार्ड नयाबांस क्षेत्र में कुछ लोग भैंसा-बुग्गी के माध्यम से अवैध रूप से रेत-बालू का खनन कर रहे थे। जब वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोका और खनन बंद कराने का प्रयास किया, तो खनन में लिप्त आरोपी उग्र हो गए।
आरोप है कि अशोक, कपिल, नन्हे, खजान, विपिन और अजय ने वन दरोगा जयपाल सिंह, वन दरोगा मुकेश त्यागी और चौकीदार छत्रपाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की। हमले में वन कर्मियों को चोटें आईं। आरोपियों ने मौके पर मौजूद सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना के बाद वन दरोगा जयपाल सिंह कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की तहरीर पुलिस को दी।
वहीं, इस प्रकरण में ग्रामीणों की ओर से भी आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान वन विभाग के कुछ अधिकारियों ने घर के बाहर खड़ी बुग्गी के टायर फाड़ दिए। इसको लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर हमला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। इस घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में रोष है और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग की है।
यह बोले अधिकारी-
सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर गढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई है, वहीं, ग्रामीणों द्वार लगाए गए आरोपों की भी जांच कराई जा रही है।