खतरे में भविष्य: बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूल, दो सरकारी स्कूलों पर लटका मिला ताला; बाहर खेल रहे थे बच्चे
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रीतु तोमर ने बताया कि मंगलवार सुबह पिलखुवा क्षेत्र में स्कूलों का निरीक्षण किया गया। लाखन और हिंडालपुर के कंपोजिट स्कूलों के गेट बंद थे। इन स्कूलों में पढ़ने आए बच्चे इधर उधर घूम और खेल रहे थे। दोनों ही विद्यालय बंद पाए गए, कोई शिक्षक भी नहीं मिला।
विस्तार
यूपी के हापुड़ स्थित पिलखुवा में मगनुम और ग्रेस पब्लिक स्कूल बिना मान्यता चलते मिले। इनमें बच्चों को निजी किताबें और बैग भी बिक्री किए जा रहे थे। साथ ही लाखन और हिंडालपुर के कंपोजिट स्कूलों पर ताला लटका मिला, जबकि बच्चे बाहर खेल रहे थे। इन चारों स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रीतु तोमर ने किया निरीक्षण
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रीतु तोमर ने बताया कि मंगलवार सुबह पिलखुवा क्षेत्र में स्कूलों का निरीक्षण किया गया। लाखन और हिंडालपुर के कंपोजिट स्कूलों के गेट बंद थे। इन स्कूलों में पढ़ने आए बच्चे इधर उधर घूम और खेल रहे थे। दोनों ही विद्यालय बंद पाए गए, कोई शिक्षक भी नहीं मिला।
नोटिस जारी कर मांगा गया जवाब
इससे पहले भी इस क्षेत्र में कुछ स्कूलों को चेतावनी दी गई थी। बीएसए ने बच्चों से उनकी कक्षा से संबंधित सवाल भी पूछे। कुछ बच्चों ने संतोषजनक जवाब भी दिया। बीएसए काफी देर तक स्कूल में रहीं, लेकिन कोई शिक्षक मौके पर नहीं आ सका। दूसरे स्कूल में निरीक्षण के बाद शिक्षक स्कूल आए। इस मामले में नोटिस जारी कर, स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बिना मान्यता जल रहे थे स्कूल
इसके बाद बीएसए ने पिलखुवा के ही मगनुम और ग्रेस पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। इन स्कूलों से मान्यता संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा सके। बीएसए ने बताया कि दोनों ही स्कूल अमान्य रूप से संचालित किए जा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि इन स्कूलों में बच्चों को बैग और किताबें भी विक्रय की जा रहीं थीं।
इन स्कूलों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है। चारों ही स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि क्षेत्र में कोई अमान्य स्कूल न चल सके।
निरीक्षण में मिली हैं खामियां
पिलखुवा में निरीक्षण के दौरान दो स्कूल बिना मान्यता चलते पाए गए हैं। इन स्कूलों को नोटिस भी जारी कर दिया है। साथ ही कंपोजिट स्कूल भी बंद मिल, इन स्कूलों के शिक्षकों से भी जवाब तलब किया है। -रीतु तोमर, बीएसए।