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Hapur News: क्रीम व दही के तीन नमूने जांच में मिले असुरक्षित, 1305 किलो सामग्री होगी नष्ट
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गांव बझैड़ा कला में खोया का नमूना लेते खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी। स्रोत: विभाग
हापुड़। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने दही में वनस्पति घी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और केमिकल एसेंस मिलाकर नकली क्रीम बनाने का पर्दाफाश किया है। चार दिन पहले मोहल्ला लोधीपुर सोटावली में देव फ्रेश मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से लिए 11 नमूनों की जांच रिपोर्ट में क्रीम व दही के तीन नमूने असुरक्षित मिले हैं। वनस्पति घी सहित आठ नमूनों की रिपोर्ट अधोमानक व मिसब्रांड पाई गई है। इसके बाद सील 1305 किलो क्रीम व दही को नष्ट कराया जाएगा। प्लांट का सेंट्रल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिले से रिपोर्ट भेजी जाएगी।
चार जिलों की विभागीय अधिकारियों की टीम ने बुधवार को मोहल्ला लोधीपुर सोटावली में स्थित देव फ्रेश मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर मिलावटी क्रीम बनाने की सूचना पर छापा मारा था। इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गुप्ता ने थाना देहात में एक रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि ग्राम बनखंडा निवासी किशनचंद के नाम से प्लांट का संचालन हो रहा था। प्लांट के पास सेंट्रल का लाइसेंस था। आरोप है कि पूर्व में भी गांव बनखंडा से किशनचंद के प्रतिष्ठान से लिया क्रीम का नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया था। आरोपी ने इस तथ्य को छिपाकर प्रदेश के स्थान पर सेंट्रल से लाइसेंस ले लिया था। इसके बाद टीम ने प्लांट पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 530 किलो प्रिंटेड पैकेट में क्रीम और 275 किलो प्लेन पैकेट में क्रीम मिली। 22 किलो डबल काउ एसएमपी, 500 किलो दही और 80 किलो मिल्क क्रीम बरामद हुई। अपमिश्रित क्रीम बनाने के लिए रखी सफेद बाल्टियों में आठ और 12 किलो वनस्पति घी भी मिला।
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टीम को करीब 915 किलो नेचर फ्रेश वनस्पति घी, 61 टिन में लगभग 572 किलो रिफाइंड सोयाबीन तेल और प्लास्टिक के डिब्बों में करीब 600 किलो रिफाइंड सोयाबीन तेल भी मिला है। मौके से बरामद सामग्री कुल करीब 3,514 किलो यानी 35 क्विंटल से अधिक थी। कुल 11 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। टीम ने बताया कि यहां से कई राज्यों में मिलावटी क्रीम की आपूर्ति हो रही थी।
शुद्ध नहीं क्रीम, खाने से हो सकते हैं बीमार--
सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अशरफ के अनुसार, वनस्पति घी मिलाकर क्रीम बनाने पर उसकी गुणवत्ता और संरचना बदल जाती है। इससे उत्पाद शुद्ध दूध की क्रीम नहीं रहता है। यदि वनस्पति घी मिलाकर उत्पाद को शुद्ध दूध की क्रीम बताकर बेचा जाता है तो यह खाद्य मिलावट और गलत लेबलिंग का मामला है। इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस कारण लोग लीवर और पेट से संबंधित रोगों के शिकार हो सकते हैं।
बझैड़ा कला में छापा मारकर दो नमूने लिए
मिलावट की सूचना पर रविवार को विभागीय अधिकारियों ने गांव बझैड़ा कला में छापा मारा है। सहायक आयुक्त ने बताया कि टीम ने भारत डेयरी पर छापा मारकर एक मिक्स मिल्क और एक खोया का नमूना लिया है। मौके पर गंदगी व अस्वास्थ्यकर परिस्थिति में खोया का निर्माण मिला। इस पर करीब 80 लीटर दूध को नष्ट कराया गया।
क्रीम के दो व दही का एक नमूना जांच में असुरक्षित मिला है। शेष अन्य नमूने अधोमानक और मिसब्रांडेड मिले हैं। अब सीज सामग्री को नष्ट कराने की तैयारी है। साथ ही सेंट्रल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सोमवार को पत्र भेजा जाएगा।
चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग
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चार जिलों की विभागीय अधिकारियों की टीम ने बुधवार को मोहल्ला लोधीपुर सोटावली में स्थित देव फ्रेश मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर मिलावटी क्रीम बनाने की सूचना पर छापा मारा था। इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गुप्ता ने थाना देहात में एक रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि ग्राम बनखंडा निवासी किशनचंद के नाम से प्लांट का संचालन हो रहा था। प्लांट के पास सेंट्रल का लाइसेंस था। आरोप है कि पूर्व में भी गांव बनखंडा से किशनचंद के प्रतिष्ठान से लिया क्रीम का नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया था। आरोपी ने इस तथ्य को छिपाकर प्रदेश के स्थान पर सेंट्रल से लाइसेंस ले लिया था। इसके बाद टीम ने प्लांट पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की।
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कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 530 किलो प्रिंटेड पैकेट में क्रीम और 275 किलो प्लेन पैकेट में क्रीम मिली। 22 किलो डबल काउ एसएमपी, 500 किलो दही और 80 किलो मिल्क क्रीम बरामद हुई। अपमिश्रित क्रीम बनाने के लिए रखी सफेद बाल्टियों में आठ और 12 किलो वनस्पति घी भी मिला।
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टीम को करीब 915 किलो नेचर फ्रेश वनस्पति घी, 61 टिन में लगभग 572 किलो रिफाइंड सोयाबीन तेल और प्लास्टिक के डिब्बों में करीब 600 किलो रिफाइंड सोयाबीन तेल भी मिला है। मौके से बरामद सामग्री कुल करीब 3,514 किलो यानी 35 क्विंटल से अधिक थी। कुल 11 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। टीम ने बताया कि यहां से कई राज्यों में मिलावटी क्रीम की आपूर्ति हो रही थी।
शुद्ध नहीं क्रीम, खाने से हो सकते हैं बीमार
सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अशरफ के अनुसार, वनस्पति घी मिलाकर क्रीम बनाने पर उसकी गुणवत्ता और संरचना बदल जाती है। इससे उत्पाद शुद्ध दूध की क्रीम नहीं रहता है। यदि वनस्पति घी मिलाकर उत्पाद को शुद्ध दूध की क्रीम बताकर बेचा जाता है तो यह खाद्य मिलावट और गलत लेबलिंग का मामला है। इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस कारण लोग लीवर और पेट से संबंधित रोगों के शिकार हो सकते हैं।
बझैड़ा कला में छापा मारकर दो नमूने लिए
मिलावट की सूचना पर रविवार को विभागीय अधिकारियों ने गांव बझैड़ा कला में छापा मारा है। सहायक आयुक्त ने बताया कि टीम ने भारत डेयरी पर छापा मारकर एक मिक्स मिल्क और एक खोया का नमूना लिया है। मौके पर गंदगी व अस्वास्थ्यकर परिस्थिति में खोया का निर्माण मिला। इस पर करीब 80 लीटर दूध को नष्ट कराया गया।
क्रीम के दो व दही का एक नमूना जांच में असुरक्षित मिला है। शेष अन्य नमूने अधोमानक और मिसब्रांडेड मिले हैं। अब सीज सामग्री को नष्ट कराने की तैयारी है। साथ ही सेंट्रल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सोमवार को पत्र भेजा जाएगा।
चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग