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तीन लाख भक्तों ने प्रतिपदा पर लगाई गंगा में डुबकी
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Tue, 15 Nov 2016 09:45 PM IST
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लगाई गंगा में डुबकी
- फोटो : अमर उजाला
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मार्गशीष कृष्ण पक्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर गढ़ समेत आसपास के जनपदों से आए तीन लाख से भी अधिक भक्तों ने मोक्षदायिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान सदर बाजार में बच्चों ने खेल-खिलौने और महिलाओं ने घरेलू उपयोग से जुड़े सामानों की खरीदारी की।
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कार्तिक पूर्णिमा का समापन होने के बाद मंगलवार को कृष्ण पक्ष प्रतिपदा के साथ ही मार्गशीष माह प्रारंभ हो गया। मेला प्रशासन के अनुसार मंगलवार को मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, बुलंदशहर व अन्य आसपास के जनपदों के करीब तीन लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।
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गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र का दान देकर पुण्यार्जित किया। इस दौरान रोक के बावजूद अधिकांश भक्तों ने पूजा सामग्री की भस्मी को गंगा में प्रवाहित किया। धार्मिक अनुष्ठानों से निपटने के बाद अधिकांश भक्त अपने परिवारों को साथ मेले के सदर बाजार में खरीदारी की।
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पंडित रमाशंकर तिवारी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन मार्गशीष कृष्ण पक्ष प्रतिपदा के अवसर पर गंगा में डुबकी लगाने वालों को पापों से मुक्ति के साथ ही मनोवांछित फल भी प्राप्त होते हैं।
गंगा मेले के दौरान करीब दो सप्ताह तक गुलजार रहा गंगा का किनारा वीराना होने लगा है। गंगा मेले में पड़ाव डाले हुए भक्त और कारोबारियों ने अपने तंबू समेटने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस-प्रशासन समेत विभिन्न सरकारी महकमों से जुड़ा अमला और उनके वाहनों पर बजने वाली हूटरों की आवाज गायब हो चुकी है। खादर मेला स्थल पर करीब 15 किलोमीटर दूरी तक 13 सेक्टरों में बसी तंबुओं की महानगरी उजड़ने लगी है।
झिलमिल लाइटों की रोशनी और दिलकश प्रतिबिंब की जगह फिर से चौतरफा घना अंधकार छाने लगा है। रिजर्व पुलिस लाइन का नामो निशान तक गायब हो चुका है। जिला पंचायत से लेकर पुलिस-प्रशासनिक और सरकारी विभागों का अमला भी अपने गंतव्य स्थलों को वापसी कर चुका है।
अस्थाई अस्पताल, विभिन्न धार्मिक-सामाजिक और सियासी संगठनों के लंबे चौड़े कैंप भी उखड़ चुके हैं। पुलिस-प्रशासन समेत सरकारी अमले की गाड़ियों की आवाजाही का शोर भी थम चुका है।
मेले में अब केवल सदर बाजार में खेल-तमाशे और व्यापारिक प्रतिष्ठान वाले ही शेष बचे हैं। महिला-बच्चे और साधू-संतों समेत लाखों की भीड़ से गुलजार रहा गंगा तीर फिर से वीरान हो उठा है।
मेलाधिकारी आरएन पांडेय का कहना है कि मेले के दौरान हुई गंदगी को साफ कराने के लिए डीपीआरओ ने बहुत जल्द सफाई अभियान चलाए जाने का आश्वासन दिया है।