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Hapur News: चंद्रग्रहण के चलते बंद रहे मंदिरों के कपाट
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हापुड़। चंद्रग्रहण के चलते रविवार को दोपहर बाद सूतक लगने के बाद शहर भर के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। सूतक के दौरान मंदिरों में पूजा नहीं की गई। सभी मंदिरों के पुजारी एवं महंतों ने अखंड जाप किया।
ज्योतिषाचार्य पं. संतोष तिवारी ने बताया कि चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे से शुरू होकर रात 1:26 बजे समाप्त पर हुआ। चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले तथा सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है। रविवार को चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर 12:57 मिनट से शुरू हो गया। सूतक के कारण आरती और भोग के बाद शहर के चंडी मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, श्री मंशा देवी मंदिर, हनुमान मंदिर सहित सभी मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।
वहीं भक्त मंडली की ओर से जगह-जगह भगवान नाम संकीर्तन किया गया। भक्तों ने शाम की आरती एवं पूजा नहीं की बल्कि घरों में महिलाओं ने कीर्तन एवं अखंड जाप किया। चंद्रग्रहण के बाद दान पुण्य के लिए नमक, मूंग उड़द खिचड़ी, अन्न, वस्त्र, माया, सतनजा दान निकालकर रख दिया गया। जिसे लोग सोमवार के दिन पुण्य करेंगे।
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ज्योतिषाचार्य पं. संतोष तिवारी ने बताया कि चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे से शुरू होकर रात 1:26 बजे समाप्त पर हुआ। चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले तथा सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है। रविवार को चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर 12:57 मिनट से शुरू हो गया। सूतक के कारण आरती और भोग के बाद शहर के चंडी मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, श्री मंशा देवी मंदिर, हनुमान मंदिर सहित सभी मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।
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वहीं भक्त मंडली की ओर से जगह-जगह भगवान नाम संकीर्तन किया गया। भक्तों ने शाम की आरती एवं पूजा नहीं की बल्कि घरों में महिलाओं ने कीर्तन एवं अखंड जाप किया। चंद्रग्रहण के बाद दान पुण्य के लिए नमक, मूंग उड़द खिचड़ी, अन्न, वस्त्र, माया, सतनजा दान निकालकर रख दिया गया। जिसे लोग सोमवार के दिन पुण्य करेंगे।
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