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Hapur News: ततारपुर में 47 करोड़ से बनेगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट

Sat, 03 Jan 2026 10:51 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Sat, 03 Jan 2026 10:51 PM IST
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stp from 47 crore
हापुड़। गंगा की स्वच्छता के लिए ततारपुर में काली नदी पर 47 करोड़ रुपये से चार हजार वर्ग मीटर भूमि पर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण शुरू हो गया है। प्लांट के जरिए प्रतिदिन फैक्टरी व नालों से आने वाले प्रदूषित पानी का ट्रीट(उपचार) कर गंगा में डाला जाएगा। अभी यह पानी बिना किसी उपचार के काली नदी और यहां से गंगा में गिर रहा है।
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गंगा की स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए उसकी सहायक काली नदी के पानी को भी शुद्ध रखना आवश्यक है। इन सहायक नदियों का पानीआगे जाकर गंगा में गिर रहा है। वर्तमान में काली नदी की बात करें तो फैक्टरियों और शहर के नाले का प्रदूषित पानी इसमें गिरता है, जो गंगा में गिरकर उसके पानी को भी खराब करता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार सहायक नदियों के पानी का ट्रीटमेंट करने के लिए इन पर प्लांट लगा रही है।
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करीब साढ़े तीन साल से प्लांट के निर्माण के लिए कई स्तर पर प्रक्रियाएं चली थीं। लंबे समय बाद विभाग ने तकनीकी और अन्य वित्तीय स्वीकृतियां देने के बाद एसटीपी का निर्माण शुरू करा दिया है। गाजियाबाद की एसकेसी फर्म को निर्माण और संचालन का टेंडर मिला है।
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रोजाना छह लाख लीटर पानी होगा ट्रीट
मेरठ के गांवों से निकलकर काली नदी हापुड़ के ततारपुर पहुंचती है। इस क्षेत्र में कई फैक्टरी हैं। जिसका पानी बिना ट्रीटमेंट किए सीधा काली नदी में गिर रहा है। अभी काली नदी हापुड़ से बुलंदशहर, अलीगढ़ होते हुए कासगंज में गंगा में जाकर मिलती है। इसके कारण काली नदी का पानी गंगा को भी नुकसान पहुंचाता है। पानी का ट्रीटमेंट करके ही उसे गंगा में डालना जरूरी है। ततारपुर में बन रहे इस प्लांट में हर दिन छह लाख लीटर पानी का ट्रीटमेंट होगा।

आसपास के ग्रामीण पड़ रहे बीमार
फैक्टरियों का केमिकल युक्त पानी जमीन में भी जाता है। इसके कारण आसपास के करीब 20 गांवों के ग्रामीण दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं। प्रदूषण विभाग के अनुसार, प्रतिदिन काली नदी में करीब 120 औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी गिर रहा है। इसके कारण गांव असरा, मुरादपुर, मतनौरा, मलकपुर, बिगास, गजालपुर, बाबूगढ़ छावनी, लालपुर, ततारपुर आदि गांवों में ग्रामीण हेपेटाइटिस, कैंसर, पेट संक्रमण व अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। प्लांट के बाद इनकी बीमारी की समस्या भी दूर हो सकेंगी।


कोट-
ततारपुर में एसटीपी का निर्माण शुरू करा दिया गया है। कोशिश है कि तय समय सीमा में प्लांट का निर्माण पूरा हो सके। जिससे कि इस समस्या का समाधान जिले स्तर पर हो सकेगा। - विनय रावत, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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