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ड्रिप ऐरिगेशन से बचाएं जल, बढ़ाएं गन्ने की उपज
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:06 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ड्रिप एरिगेशन के जरिए किसान जल बचाने के साथ गन्ने का उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं। यह जानकारी गन्ना विकास विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में गांवों में शुक्रवार को किसानों को दी गई। इस दौरान किसानों ने अफसरों से अपनी समस्याओं को भी साझा किया।
बनखंडा गांव में आयोजित कृषक गोष्ठी में जिला गन्ना अधिकारी नम्रता कश्यप ने बताया कि ड्रिप ऐरिगेशन के माध्यम से सिंचाई कर कृषक 90 फीसदी पानी बचा सकते हैं। साथ ही फसल की उत्पादकता भी बढ़ा सकते हैं। ड्रिप सिंचाई पर विभाग ने प्रति हेक्टेयर पचास हजार रुपये अनुदान देने की व्यवस्था की है।
उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई कर, किसान सहफसली खेती से दोगुना लाभ कमा सकते हैं। गन्ना संघ के निदेशक वाईएस मलिक ने बताया कि जैविक खेती के स्थान पर रासायनिक खेती का सहारा लिया जा रहा है। इसका मानव स्वास्थ्य व खेतों की सेहत भी खराब हो रही है।
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गन्ना किसान संस्थान से आए वैज्ञानिक डॉ. पोसवाल व डॉ. अवधेश ने गन्ने में लगने वाले रोग/कीट, गन्ना बुआई, प्रजाति पर विस्तार से चर्चा की। गन्ना संघ के निदेशक ने गांव फतेहपुर, बनखंडा, दहगानिया, नंगला कटक का विधिवत निरीक्षण किया। इस मौके पर एके ओझा, राजीव सेठ, मनोज कुमार, सत्येंद्र राणा, मुकेश कुमार, शैलेंद्र, सूर्यकांत, सुधीर कुमार का सहयोग रहा।
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बनखंडा गांव में आयोजित कृषक गोष्ठी में जिला गन्ना अधिकारी नम्रता कश्यप ने बताया कि ड्रिप ऐरिगेशन के माध्यम से सिंचाई कर कृषक 90 फीसदी पानी बचा सकते हैं। साथ ही फसल की उत्पादकता भी बढ़ा सकते हैं। ड्रिप सिंचाई पर विभाग ने प्रति हेक्टेयर पचास हजार रुपये अनुदान देने की व्यवस्था की है।
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उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई कर, किसान सहफसली खेती से दोगुना लाभ कमा सकते हैं। गन्ना संघ के निदेशक वाईएस मलिक ने बताया कि जैविक खेती के स्थान पर रासायनिक खेती का सहारा लिया जा रहा है। इसका मानव स्वास्थ्य व खेतों की सेहत भी खराब हो रही है।
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गन्ना किसान संस्थान से आए वैज्ञानिक डॉ. पोसवाल व डॉ. अवधेश ने गन्ने में लगने वाले रोग/कीट, गन्ना बुआई, प्रजाति पर विस्तार से चर्चा की। गन्ना संघ के निदेशक ने गांव फतेहपुर, बनखंडा, दहगानिया, नंगला कटक का विधिवत निरीक्षण किया। इस मौके पर एके ओझा, राजीव सेठ, मनोज कुमार, सत्येंद्र राणा, मुकेश कुमार, शैलेंद्र, सूर्यकांत, सुधीर कुमार का सहयोग रहा।