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Hapur News: स्कूलों में 30 नवंबर से पहले बनेंगी नई समितियां
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हापुड़। सरकारी विद्यालयों में अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शासन ने विद्यालय प्रबंध समितियों (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के पुनर्गठन के निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान समितियों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले 30 नवंबर तक नई समितियों का गठन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बेसिक, माध्यमिक और अन्य गैर-अनुदानित विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में नई एसएमसी का गठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और उत्तर प्रदेश शिक्षा का अधिकार नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर विकेंद्रीकृत शैक्षिक प्रशासन को मजबूत करना और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रबंध समिति विद्यालय, अभिभावकों और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करेगी। समिति विद्यालय विकास योजना तैयार करने, छात्र नामांकन बढ़ाने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने, बच्चों के अधिगम स्तर की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता, आधारभूत सुविधाओं के विकास और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. श्वेता पूठिया ने बताया कि समिति के गठन की प्रक्रिया, सदस्यों की संख्या, अभिभावकों के प्रतिनिधित्व, महिलाओं की भागीदारी, कार्यकाल, बैठकों के संचालन और चुनाव संबंधी विस्तृत प्रावधान भी निर्धारित किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी कराई जाएगी, ताकि विद्यालयों के संचालन और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके।
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बेसिक, माध्यमिक और अन्य गैर-अनुदानित विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में नई एसएमसी का गठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और उत्तर प्रदेश शिक्षा का अधिकार नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर विकेंद्रीकृत शैक्षिक प्रशासन को मजबूत करना और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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प्रबंध समिति विद्यालय, अभिभावकों और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करेगी। समिति विद्यालय विकास योजना तैयार करने, छात्र नामांकन बढ़ाने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने, बच्चों के अधिगम स्तर की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता, आधारभूत सुविधाओं के विकास और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. श्वेता पूठिया ने बताया कि समिति के गठन की प्रक्रिया, सदस्यों की संख्या, अभिभावकों के प्रतिनिधित्व, महिलाओं की भागीदारी, कार्यकाल, बैठकों के संचालन और चुनाव संबंधी विस्तृत प्रावधान भी निर्धारित किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी कराई जाएगी, ताकि विद्यालयों के संचालन और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके।