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Hapur News: टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का व्यापारियों ने किया विरोध
Fri, 14 Feb 2025 10:18 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 14 Feb 2025 10:18 PM IST
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हापुड़। नगर पालिका द्वारा 46 हजार आवासीय व व्यवसायिक भवनों पर कर बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया है। इसके विरोध में शुक्रवार को व्यापारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से मिलने की मांग की, लेकिन समय न मिलने के कारण व्यापारी एडीएम संदीप कुमार से मिले। जहां टैक्स न बढ़ाने की मांग को लेकर डीएम के नाम एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
एक अप्रैल से भवनों पर प्रस्तावित टैक्स को लेकर नगर पालिका ने सार्वजनिक सूचना निकालते हुए आपत्तियां मांगी थीं। करीब 200 आपत्ति शहरवासियों ने दर्ज कराई हैं। प्रस्तावित टैक्स में 10 से 11 गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। इसको लेकर ही व्यापारी लगातार विरोध कर रहे हैं। जगह-जगह ज्ञापन सौंपकर व्यापारी विरोध भी दर्ज करा रहे हैं।
शुक्रवार को भी संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने कहा कि बिना मूलभूत सुविधाएं दिए नगर पालिका द्वारा टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पालिका
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के गृह, जल और सीवरकर को बढ़ाने के निर्णय का तेजी से विरोध हो रहा है। इस टैक्स की वृद्धि से शहर के लाखों लोगों को परेशानी होगी। मनीष कंसल ने कहा कि अंतिम बार पालिका ने वर्ष 2013 में टैक्स दर में वृद्धि की थी। चंद सालों बाद फिर से इतना अधिक टैक्स बढ़ाना गलत है। इससे लोगों को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि शहर में बंदरों का आतंक है। ज्यादातर पुलिया चौक हैं, शुद्ध पेयजल का अभाव है, सभी सीवर लाइन जाम पड़ी हुई हैं। जिस कारण गलियों में बदबू आदि रहती है। मुख्य बाजारों को छोड़कर शहर के गली-मोहल्लों में सफाई का अभाव है। ऐसे में लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ाना गलत है। मौके पर संजय अग्रवाल, सोनू बंसल, राजीव गर्ग आदि मौजूद रहे।
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एक अप्रैल से भवनों पर प्रस्तावित टैक्स को लेकर नगर पालिका ने सार्वजनिक सूचना निकालते हुए आपत्तियां मांगी थीं। करीब 200 आपत्ति शहरवासियों ने दर्ज कराई हैं। प्रस्तावित टैक्स में 10 से 11 गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। इसको लेकर ही व्यापारी लगातार विरोध कर रहे हैं। जगह-जगह ज्ञापन सौंपकर व्यापारी विरोध भी दर्ज करा रहे हैं।
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शुक्रवार को भी संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने कहा कि बिना मूलभूत सुविधाएं दिए नगर पालिका द्वारा टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पालिका
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के गृह, जल और सीवरकर को बढ़ाने के निर्णय का तेजी से विरोध हो रहा है। इस टैक्स की वृद्धि से शहर के लाखों लोगों को परेशानी होगी। मनीष कंसल ने कहा कि अंतिम बार पालिका ने वर्ष 2013 में टैक्स दर में वृद्धि की थी। चंद सालों बाद फिर से इतना अधिक टैक्स बढ़ाना गलत है। इससे लोगों को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि शहर में बंदरों का आतंक है। ज्यादातर पुलिया चौक हैं, शुद्ध पेयजल का अभाव है, सभी सीवर लाइन जाम पड़ी हुई हैं। जिस कारण गलियों में बदबू आदि रहती है। मुख्य बाजारों को छोड़कर शहर के गली-मोहल्लों में सफाई का अभाव है। ऐसे में लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ाना गलत है। मौके पर संजय अग्रवाल, सोनू बंसल, राजीव गर्ग आदि मौजूद रहे।