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Hapur News: झड़ीना में तेंदुए से ग्रामीणों में दहशत
Wed, 12 Feb 2025 10:11 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 12 Feb 2025 10:11 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव झड़ीना में गन्ने के खेत में तेंदुआ दिखाई देने के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण जहां खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, वहीं महिलाएं भी छोटे बच्चों को घर के बाहर नहीं खेलने दे रही हैं। वन विभाग की टीम ने मंगलवार की देर रात जंगल में पहुंच कर तेंदुए की तलाश में कांबिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
ग्रामीण पंकज ने बताया कि गांव के जंगल और आसपास के क्षेत्र में कई बार तेंदुआ दिखाई दे चुका है। जिस कारण ग्रामीण और किसान बेहद डरे हुए हैं। मंगलवार की शाम को गांव निवासी सोनू त्यागी के खेतों में भी तेंदुआ दिखा, जिसके बाद से किसान जंगल नहीं जा पा रहे।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मंगलवार की रात गांव के जंगल में जाकर तेंदुए को तलाश किया, लेकिन वन विभाग के कर्मियों को कुछ नहीं मिल सका है। उन्होंने बताए गए स्थान पर तेंदुए के पदचिन्हों की जांच की, लेकिन अंधेरा होने के कारण वहां कुछ नहीं मिल सका है। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जंगल में तेंदुआ मौजूद है, इसे पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा लगवाकर उसमें उसका शिकार रखा जाए। ताकि तेंदुए को आसानी से पकड़ा जा सके।
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पहले भी आतंक मचा चुका है तेंदुआ
झड़ीना गांव में तेंदुए के दिखाई देने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गांव दौताई, पौपाई, नयागांव इनायतपुर, लठीरा, सदरपुर, सलारपुर, सेहल, सिंभावली, बक्सर नहर पटरी समेत अन्य क्षेत्र में तेंदुए देखे जा चुके हैं। गांव चित्तौड़ा के जंगल में तेंदुए ने किसानों पर हमला भी कर दिया था।
- अठसैनी गांव में सड़क हादसे में मर चुका है तेंदुआ
करीब एक साल पहले भी क्षेत्र के गांव अठसैनी के निकट सड़क पर करते हुए एक तेंदुए की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव देवली के जंगल में भी किसान के खेत में स्थित कुएं में तेंदुआ मृत मिला था। गांव दौताई से भी तेंदुए का शावक पकड़ा जा चुका है।
कोट -
ग्रामीणों की सूचना पर गांव झड़ीना के जंगल में तेंदुए को तलाश किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका है। विभागीय टीम दोबारा जाकर जांच करेगी। ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए अपील की गई है।- करन सिंह, वन क्षेत्राधिकारी
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ग्रामीण पंकज ने बताया कि गांव के जंगल और आसपास के क्षेत्र में कई बार तेंदुआ दिखाई दे चुका है। जिस कारण ग्रामीण और किसान बेहद डरे हुए हैं। मंगलवार की शाम को गांव निवासी सोनू त्यागी के खेतों में भी तेंदुआ दिखा, जिसके बाद से किसान जंगल नहीं जा पा रहे।
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ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मंगलवार की रात गांव के जंगल में जाकर तेंदुए को तलाश किया, लेकिन वन विभाग के कर्मियों को कुछ नहीं मिल सका है। उन्होंने बताए गए स्थान पर तेंदुए के पदचिन्हों की जांच की, लेकिन अंधेरा होने के कारण वहां कुछ नहीं मिल सका है। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जंगल में तेंदुआ मौजूद है, इसे पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा लगवाकर उसमें उसका शिकार रखा जाए। ताकि तेंदुए को आसानी से पकड़ा जा सके।
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पहले भी आतंक मचा चुका है तेंदुआ
झड़ीना गांव में तेंदुए के दिखाई देने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गांव दौताई, पौपाई, नयागांव इनायतपुर, लठीरा, सदरपुर, सलारपुर, सेहल, सिंभावली, बक्सर नहर पटरी समेत अन्य क्षेत्र में तेंदुए देखे जा चुके हैं। गांव चित्तौड़ा के जंगल में तेंदुए ने किसानों पर हमला भी कर दिया था।
- अठसैनी गांव में सड़क हादसे में मर चुका है तेंदुआ
करीब एक साल पहले भी क्षेत्र के गांव अठसैनी के निकट सड़क पर करते हुए एक तेंदुए की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव देवली के जंगल में भी किसान के खेत में स्थित कुएं में तेंदुआ मृत मिला था। गांव दौताई से भी तेंदुए का शावक पकड़ा जा चुका है।
कोट -
ग्रामीणों की सूचना पर गांव झड़ीना के जंगल में तेंदुए को तलाश किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका है। विभागीय टीम दोबारा जाकर जांच करेगी। ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए अपील की गई है।- करन सिंह, वन क्षेत्राधिकारी