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कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला : पहली बार वेबसाइट के जरिए होगी तंबुओं की ऑनलाइन बुकिंग
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हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले में आने वाले 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को इस बार तंबू बुक कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिला पंचायत के अधिकारी पहली बार मेले के लिए विशेष वेबसाइट तैयार करा रहे हैं। इसके माध्यम से श्रद्धालु ऑनलाइन तंबू की बुकिंग कर सकेंगे। साथ ही मेले में पहुंचने से पहले ही वहां उपलब्ध सुविधाओं, महत्वपूर्ण स्थलों और जरूरी सेवाओं की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने में आसानी होगी।
नवंबर माह में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले में हर साल 25 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। हजारों श्रद्धालुओं के परिवार कई दिनों तक मेला क्षेत्र में ठहरते हैं। ऐसे में तंबू की व्यवस्था करना उनके लिए महत्वपूर्ण होता है। अभी तक तंबू के लिए मेले में पहुंचने के बाद व्यवस्था तलाशनी पड़ती है।
इस बार वेबसाइट के जरिए होटलों की तरह ही श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए एक फिक्स किराया भी रखा जाएगा। श्रद्धालु पहले ही अपने ठहरने की व्यवस्था कर सकेंगे। इससे मेले में पहुंचने के बाद होने वाली भागदौड़ भी कम होगी।
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एक ही जगह मिलेगी मेले से जुड़ी जानकारी
इस वेबसाइट पर तंबुओं की बुकिंग के अलावा मेले में मिलने वाली सुविधाओं का विवरण भी उपलब्ध और धार्मिक मान्यताओं के अलावा पूर्व में मेले के आयोजनों को लेकर जानकारी मिलेगी। श्रद्धालु यह जान सकेंगे कि मेला क्षेत्र में किस स्थान पर कौन-सी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी, हेल्पलाइन नंबर और विभिन्न विभागों से संबंधित जरूरी सूचनाएं भी वेबसाइट पर दी जाएंगी। इससे किसी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग या सहायता सेवा तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
अन्य विभागों की वेबसाइट पर भी दिखेगा मेला
मेले की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की वेबसाइटों पर भी मेले से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग स्थानों पर जानकारी तलाशने की जरूरत कम होगी। वेबसाइट के माध्यम से मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बारे में पहले से जानकारी मिलने पर लोग अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे।
पहली बार मेले के लिए वेबसाइट बनाई जा रही है। इस वेबसाइट के जरिए पूरे मेले की जानकारी, हेल्पलाइन नंबर, मुख्य आयोजन व स्थल और तंबू की बुकिंग कराई जा सकती है।
- शिशुपाल शर्मा, एएमए
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नवंबर माह में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले में हर साल 25 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। हजारों श्रद्धालुओं के परिवार कई दिनों तक मेला क्षेत्र में ठहरते हैं। ऐसे में तंबू की व्यवस्था करना उनके लिए महत्वपूर्ण होता है। अभी तक तंबू के लिए मेले में पहुंचने के बाद व्यवस्था तलाशनी पड़ती है।
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इस बार वेबसाइट के जरिए होटलों की तरह ही श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए एक फिक्स किराया भी रखा जाएगा। श्रद्धालु पहले ही अपने ठहरने की व्यवस्था कर सकेंगे। इससे मेले में पहुंचने के बाद होने वाली भागदौड़ भी कम होगी।
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एक ही जगह मिलेगी मेले से जुड़ी जानकारी
इस वेबसाइट पर तंबुओं की बुकिंग के अलावा मेले में मिलने वाली सुविधाओं का विवरण भी उपलब्ध और धार्मिक मान्यताओं के अलावा पूर्व में मेले के आयोजनों को लेकर जानकारी मिलेगी। श्रद्धालु यह जान सकेंगे कि मेला क्षेत्र में किस स्थान पर कौन-सी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी, हेल्पलाइन नंबर और विभिन्न विभागों से संबंधित जरूरी सूचनाएं भी वेबसाइट पर दी जाएंगी। इससे किसी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग या सहायता सेवा तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
अन्य विभागों की वेबसाइट पर भी दिखेगा मेला
मेले की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की वेबसाइटों पर भी मेले से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग स्थानों पर जानकारी तलाशने की जरूरत कम होगी। वेबसाइट के माध्यम से मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बारे में पहले से जानकारी मिलने पर लोग अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे।
पहली बार मेले के लिए वेबसाइट बनाई जा रही है। इस वेबसाइट के जरिए पूरे मेले की जानकारी, हेल्पलाइन नंबर, मुख्य आयोजन व स्थल और तंबू की बुकिंग कराई जा सकती है।
- शिशुपाल शर्मा, एएमए