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मासूम से कुकर्म के प्रयास में दोषी को पांच वर्ष कारावास
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मासूम से कुकर्म के प्रयास में दोषी को पांच वर्ष कारावास
हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने पांच वर्षीय मासूम के साथ कुकर्म के प्रयास के मुकदमे में सोमवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि सोलह जून 2016 को धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने थाने में तहरीर दी। जिसमें बताया कि उसका पांच वर्षीय पुत्र घर से घेर में जा रहा था। उसके पुत्र को रास्ते में गांव ककराना थाना धौलाना निवासी बोबी पुत्र प्यारे मिला। जिसने उसको ईंख के खेत में जबरदस्ती खींच लिया और कुकर्म का प्रयास किया। लेकिन बच्चे के शोर मचाने पर मौके पर कुछ लोग पहुंच गए। इस दौरान आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जिसके बाद से मामला अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चला रहा था, जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सोमवार को मुकदमे में निर्णय सुनाया। न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी बोबी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साथ ही आदेश किया की अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। यदि दोषी अर्थदंड की धनराशि नहीं देता है तो उसकी तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आदेश किए कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित परिवार को तीस हजार रुपये की राहत राशि दे। यदि प्राधिकरण के पास फंड न हो तो इस इस स्थिति में जिलाधिकारी एक माह के अंदर उक्त राशि पीड़ित परिवार को दे।
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हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने पांच वर्षीय मासूम के साथ कुकर्म के प्रयास के मुकदमे में सोमवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि सोलह जून 2016 को धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने थाने में तहरीर दी। जिसमें बताया कि उसका पांच वर्षीय पुत्र घर से घेर में जा रहा था। उसके पुत्र को रास्ते में गांव ककराना थाना धौलाना निवासी बोबी पुत्र प्यारे मिला। जिसने उसको ईंख के खेत में जबरदस्ती खींच लिया और कुकर्म का प्रयास किया। लेकिन बच्चे के शोर मचाने पर मौके पर कुछ लोग पहुंच गए। इस दौरान आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जिसके बाद से मामला अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चला रहा था, जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सोमवार को मुकदमे में निर्णय सुनाया। न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी बोबी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साथ ही आदेश किया की अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। यदि दोषी अर्थदंड की धनराशि नहीं देता है तो उसकी तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आदेश किए कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित परिवार को तीस हजार रुपये की राहत राशि दे। यदि प्राधिकरण के पास फंड न हो तो इस इस स्थिति में जिलाधिकारी एक माह के अंदर उक्त राशि पीड़ित परिवार को दे।
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