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त से शहर में आफत, हर जगह जलभराव
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बरसात से शहर में आफत, हर जगह जलभराव
हापुड़। मंगलवार को कुछ देर की बरसात से शहर वासियों की आफत आ गई। शहर में मुख्य सड़कों से लेकर कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। हर जगह पानी ही पानी नजर आ रहा था। कई लोगों के घरों में भी पानी भर गया। शहर पर दिखने वाली गंदगी व सिल्ट ने पालिका के सफाई अभियान की भी पोल खोलकर रख दी। सफाई के नाम पर लाखों खर्च करने का दम भरने वाली पालिका की मंगलवार की बारिश ने पोल खोलकर रख दी। जनता में भी पालिका के प्रति रोष नजर आया।
मानसून की बरसात जितनी राहत देने वाली होती है उससे कहीं ज्यादा आफत भी लेकर आती है। हापुड़ का जलभराव से मानों पुराना नाता हो चला है। हर वर्ष पालिका मानसून से पहले शहर के नालों से लेकर नालियों तक को सफाई करने का दावा करती है। पालिका के सफाई कर्मचारियों के अलावा प्राइवेट ठेकेदार को भी इसका जिम्मा दिया जाता है। लेकिन बरसात शुरू होते ही ये दावे फेल हो जाते हैं। इस बार भी यही हालात नजर आ रहे हैं। नालों की सफाई कराने के पालिका ने इस बार भी खूब दावे किए, यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी फोटो डाले गए। लेकिन एक दो दिन की ही बरसात ने इन दावों की पोल खोल दी।
मंगलवार को हुई कुछ घंटों की बारिश होने पर ऐसे नजारे शहर में जगह-जगह देखने को मिले। शहर के कई गली-मोहल्लों से लेकर सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। गली-मोहल्ले तरणताल में बदले दिखाई दिए। नालों के ओवरफ्लो होने से कई घरों में बारिश का पानी भी पहुंच गया। इससे लोगों के घरों में रखे सामान भी प्रभावित हुए। वहीं जब पानी कम हुआ तो गंदगी व सिल्ट ने और मुसीबत बढ़ा दी। लोगों ने नगर पालिका अफसरों पर ध्यान नहीं देने का भी आरोप लगाया। नाला सफाई कराने के नाम पर महज खानापूर्ति करने का भी दावा किया। नगर पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश यादव ने बताया कि नालों की सफाई निरंतर कराई जा रही है। जहां भी जलभराव की समस्या है वहां पर प्राथमिकता से सफाई कराई जा रही है।
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दिन में जलानी पड़ी वाहनों की लाइट
मंगलवार दोपहर को मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में काले बादल छाने से एकाएक मौसम पूरी तरह से बदल गया। मौसम सुहावना होने से लोगों ने गर्मी से भी राहत की सांस ली। इससे दिन में ही अंधेरा होने पर सड़कों पर गुजरते वाहनों की लाइटें भी जलती दिखी। ऐसा नजारा गढ़ रोड, बुलंदशहर रोड, दिल्ली रेाड पर देखने को मिला। बारिश से बचाव करने के लिए लोगों ने छाते का भी प्रयोग किया।
घंटो गुल रही बत्ती
झमाझम बारिश होने पर करीब दो घंटे तक बिजली कटी रही। बारिश के दौरान किसी तरह का फाल्ट नहीं हो। इसको लेकर सावधानी बरती गई। बारिश में खंभों आदि में करंट उतरने से दुर्घटना नहीं हो। बिजली विभाग के अफसर कर्मचारी भी बारिश में होने वाले फाल्टों को लेकर सतर्क रहे।
शहर में इन इलाकों में हुआ जलभराव
मोहल्ला कोठीगेट, गढ़ रोड , बुलंदशहर रोड पर पुरानी चुंगी के निकट, आवास विकास मेरठ रोड, नगर पालिका परिसर, मोदी नगर रोड,
मोहल्ला चमरी, अर्जुन नगर, रेलवे रोड, गोल मार्केट, शिवपुरी, स्वर्ग आश्रम रोड सहित कई मोहल्लों में जलभराव हुआ।
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हापुड़। मंगलवार को कुछ देर की बरसात से शहर वासियों की आफत आ गई। शहर में मुख्य सड़कों से लेकर कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। हर जगह पानी ही पानी नजर आ रहा था। कई लोगों के घरों में भी पानी भर गया। शहर पर दिखने वाली गंदगी व सिल्ट ने पालिका के सफाई अभियान की भी पोल खोलकर रख दी। सफाई के नाम पर लाखों खर्च करने का दम भरने वाली पालिका की मंगलवार की बारिश ने पोल खोलकर रख दी। जनता में भी पालिका के प्रति रोष नजर आया।
मानसून की बरसात जितनी राहत देने वाली होती है उससे कहीं ज्यादा आफत भी लेकर आती है। हापुड़ का जलभराव से मानों पुराना नाता हो चला है। हर वर्ष पालिका मानसून से पहले शहर के नालों से लेकर नालियों तक को सफाई करने का दावा करती है। पालिका के सफाई कर्मचारियों के अलावा प्राइवेट ठेकेदार को भी इसका जिम्मा दिया जाता है। लेकिन बरसात शुरू होते ही ये दावे फेल हो जाते हैं। इस बार भी यही हालात नजर आ रहे हैं। नालों की सफाई कराने के पालिका ने इस बार भी खूब दावे किए, यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी फोटो डाले गए। लेकिन एक दो दिन की ही बरसात ने इन दावों की पोल खोल दी।
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मंगलवार को हुई कुछ घंटों की बारिश होने पर ऐसे नजारे शहर में जगह-जगह देखने को मिले। शहर के कई गली-मोहल्लों से लेकर सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। गली-मोहल्ले तरणताल में बदले दिखाई दिए। नालों के ओवरफ्लो होने से कई घरों में बारिश का पानी भी पहुंच गया। इससे लोगों के घरों में रखे सामान भी प्रभावित हुए। वहीं जब पानी कम हुआ तो गंदगी व सिल्ट ने और मुसीबत बढ़ा दी। लोगों ने नगर पालिका अफसरों पर ध्यान नहीं देने का भी आरोप लगाया। नाला सफाई कराने के नाम पर महज खानापूर्ति करने का भी दावा किया। नगर पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश यादव ने बताया कि नालों की सफाई निरंतर कराई जा रही है। जहां भी जलभराव की समस्या है वहां पर प्राथमिकता से सफाई कराई जा रही है।
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दिन में जलानी पड़ी वाहनों की लाइट
मंगलवार दोपहर को मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में काले बादल छाने से एकाएक मौसम पूरी तरह से बदल गया। मौसम सुहावना होने से लोगों ने गर्मी से भी राहत की सांस ली। इससे दिन में ही अंधेरा होने पर सड़कों पर गुजरते वाहनों की लाइटें भी जलती दिखी। ऐसा नजारा गढ़ रोड, बुलंदशहर रोड, दिल्ली रेाड पर देखने को मिला। बारिश से बचाव करने के लिए लोगों ने छाते का भी प्रयोग किया।
घंटो गुल रही बत्ती
झमाझम बारिश होने पर करीब दो घंटे तक बिजली कटी रही। बारिश के दौरान किसी तरह का फाल्ट नहीं हो। इसको लेकर सावधानी बरती गई। बारिश में खंभों आदि में करंट उतरने से दुर्घटना नहीं हो। बिजली विभाग के अफसर कर्मचारी भी बारिश में होने वाले फाल्टों को लेकर सतर्क रहे।
शहर में इन इलाकों में हुआ जलभराव
मोहल्ला कोठीगेट, गढ़ रोड , बुलंदशहर रोड पर पुरानी चुंगी के निकट, आवास विकास मेरठ रोड, नगर पालिका परिसर, मोदी नगर रोड,
मोहल्ला चमरी, अर्जुन नगर, रेलवे रोड, गोल मार्केट, शिवपुरी, स्वर्ग आश्रम रोड सहित कई मोहल्लों में जलभराव हुआ।