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पसवाड़ा के जंगल में नील गायों की टक्कर से किसान की मौत
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किसान भगवत का फाइल फोटो
- फोटो : GARH
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पसवाड़ा के जंगल में नील गायों की टक्कर से किसान की मौत
गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में खेत में काम कर रहे एक किसान को नील गायों के झुंड ने चपेट में ले लिया, जिससे किसान की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पसवाड़ा निवासी किसान भगवत (90) शुक्रवार की सुबह को गांव के जंगल में स्थित अपने खेत में ईंख की निराई करने के लिए गए थे। इसी बीच पीछे से अचानक नील गायों का झुंड आ पहुंचा, किसान उन्हें भगाने का प्रयास करने लगा। लेकिन नील गायों ने किसान पर हमला करते हुए चपेट में ले लिया, जिससे किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने गंभीर हालत में भगवत को उठाया और परिजनों को सूचना दी। तुरंत ही परिजनों ने स्थानीय चिकित्सक के यहां भर्ती कराया, जहां पर उनको मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई मृतक का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है बेसहारा पशुओं के लिए पहले कई बार अधिकारियों को अवगत किया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। इसके अलावा गांव लुहारी में भी एक किसान को आवारा पशु की टक्कर लगने से एक किसान घायल हो गया था। अधिकारियों को बेसहारा पशुओं को खेतों तक जाने के लिए रोकथाम करनी चाहिए, नहीं तो भविष्य में भी इसी तरह से हादसे होते रहेंगे।
एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि बेसहारा पशुओं को पकड़वाने के लिए बीडीओ से वार्ता कर समाधान कराया जाएगा, जिससे किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। संवाद
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खड़ी फसल कर रहे चौपट
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में खेत खलियान फैला हुआ है, ऐसे में यहां आए दिन नीलगाय फसलों को तहस-नहस कर देते हैं। भोजन की तलाश में झुंड खेतों में घुसते हैं और खड़ी फसल रौंदकर चले जाते हैं। फसलों को बचाने के लिए किसानों ने खेतों के चारों तरफ फेंसिंग भी कराई लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हो रही है। नील गायों का झुंड उन्हें भी तोड़ देता है।
सड़कों पर होते हैं हादसे
नील गायों की वजह से सड़कों पर भी हादसे होते रहते हैं, खेतों से निकलकर नील गाय अचानक से वाहनों के सामने आ जाती हैं। नानपुर गांव के निकट भी गत दिनों मेरठ क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की कार से नील गाय टकराई थी। हादसे में व्यक्ति तो बच गया लेकिन नील गाय कार का शीशा तोड़कर अंदर घुस गई थी। इसके अलावा हापुड़ में मोदीनगर रोड पर भी गत माह एक बाइक सवार के सामने अचानक से नील गाय आ गई, जिसकी टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल गया था।
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गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में खेत में काम कर रहे एक किसान को नील गायों के झुंड ने चपेट में ले लिया, जिससे किसान की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पसवाड़ा निवासी किसान भगवत (90) शुक्रवार की सुबह को गांव के जंगल में स्थित अपने खेत में ईंख की निराई करने के लिए गए थे। इसी बीच पीछे से अचानक नील गायों का झुंड आ पहुंचा, किसान उन्हें भगाने का प्रयास करने लगा। लेकिन नील गायों ने किसान पर हमला करते हुए चपेट में ले लिया, जिससे किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने गंभीर हालत में भगवत को उठाया और परिजनों को सूचना दी। तुरंत ही परिजनों ने स्थानीय चिकित्सक के यहां भर्ती कराया, जहां पर उनको मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई मृतक का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है बेसहारा पशुओं के लिए पहले कई बार अधिकारियों को अवगत किया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। इसके अलावा गांव लुहारी में भी एक किसान को आवारा पशु की टक्कर लगने से एक किसान घायल हो गया था। अधिकारियों को बेसहारा पशुओं को खेतों तक जाने के लिए रोकथाम करनी चाहिए, नहीं तो भविष्य में भी इसी तरह से हादसे होते रहेंगे।
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एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि बेसहारा पशुओं को पकड़वाने के लिए बीडीओ से वार्ता कर समाधान कराया जाएगा, जिससे किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। संवाद
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खड़ी फसल कर रहे चौपट
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में खेत खलियान फैला हुआ है, ऐसे में यहां आए दिन नीलगाय फसलों को तहस-नहस कर देते हैं। भोजन की तलाश में झुंड खेतों में घुसते हैं और खड़ी फसल रौंदकर चले जाते हैं। फसलों को बचाने के लिए किसानों ने खेतों के चारों तरफ फेंसिंग भी कराई लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हो रही है। नील गायों का झुंड उन्हें भी तोड़ देता है।
सड़कों पर होते हैं हादसे
नील गायों की वजह से सड़कों पर भी हादसे होते रहते हैं, खेतों से निकलकर नील गाय अचानक से वाहनों के सामने आ जाती हैं। नानपुर गांव के निकट भी गत दिनों मेरठ क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की कार से नील गाय टकराई थी। हादसे में व्यक्ति तो बच गया लेकिन नील गाय कार का शीशा तोड़कर अंदर घुस गई थी। इसके अलावा हापुड़ में मोदीनगर रोड पर भी गत माह एक बाइक सवार के सामने अचानक से नील गाय आ गई, जिसकी टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल गया था।

गांव पसवाड़ा में किसान की मौत पर विलाप करते परिजन।- फोटो : GARH