फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   gram pradhans arrived at the Development Bhavan and expressed their displeasure

Hapur News: प्रस्तावों को मंजूरी न मिलने से परेशान ग्राम प्रधान पहुंचे विकास भवन, जताई नाराजगी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
gram pradhans arrived at the Development Bhavan and expressed their displeasure
हापुड़ में सीडीओ को ज्ञापन देते ग्राम प्रधान।स्रोत: संस्था
हापुड़। जिले की कई ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने गांवों में विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की मांग की है। प्रधानों की ओर से मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा को ज्ञापन सौंपकर सड़क, रास्ते और नाली निर्माण जैसे जनहित के कार्यों को शीघ्र मंजूरी न मिलने पर नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों की समस्याओं को गिनाया है।
विज्ञापन

प्रशासनिक रूप से कार्यभार देख रहे ग्राम प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान गांव की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान, विकास कार्यों के संचालन और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों की ओर से भेजे जाने वाले कई विकास प्रस्तावों को समय पर स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। इससे गांवों में जरूरी कार्य लंबित रह जाते हैं।
विज्ञापन

आज कई गांवों में सड़क और रास्ते खराब स्थिति में हैं। नालियों के अभाव या क्षतिग्रस्त होने से जलभराव की समस्या पैदा होती है। इससे ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से संबंधित प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी स्वीकृति नहीं मिलने से ग्रामीणों को राहत नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानों ने विद्यालयों के विकास, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा, बाल कल्याण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को भी महत्व देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करते समय गांव की वास्तविक स्थिति, जनसंख्या, आवागमन की समस्या और जलभराव जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

ग्राम प्रधानों ने सात प्रमुख मांगें रखते हुए लंबित प्रस्तावों की समीक्षा के लिए विशेष बैठक बुलाने और संबंधित अधिकारियों व ग्राम प्रधानों के बीच समन्वय स्थापित करने की मांग भी रखी।

इस दौरान योगेश्वर त्यागी, जावेद प्रधान, जहीर प्रधान, मनोज प्रधान, सुमित प्रधान, फुरकान राणा, उस्मान प्रधान और तारिक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed