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घर-घर में चल रहीं अवैध पटाखा फैक्ट्रियां
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:09 PM IST
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फैक्ट्रियां
- फोटो : अमर उजाला
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दीपावली से पहले शहर में अवैध पटाखों का कारोबार पुराने शहर की गलियों व मोहल्लों में बेधड़क चल रहा है। जबकि पटाखे बनाने का लाइसेंस शहर के गिने चुने लोगों के पास ही है। इसी कारोबार के कारण शहर में कई बड़े हादसे हो चुके हैं लेकिन लगता है कि ऐसे हादसों से प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है।
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दरअसल, शहर में पटाखे बनाने के लाइसेंस महज 15 लोगों के पास हैं। लेकिन अवैध रूप से पटाखे बनाने का धंधा लगभग 50 जगहों पर सरेआम चल रहा है। पुराना शहर के संकरी गलियों में यह धंधा खुलेआम चल रहा है। इन संकरी गलियों के घरों में बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखों का स्टॉक रखा है।
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ऐसे में एक चिंगारी से पूरे इलाके में तबाही मच सकती है। प्रशासन को भी इस गोरखधंधे की जानकारी है लेकिन वह जानबूझकर अनजान बना हुआ है।मोहल्ला कानून गोयान में 22 सितंबर 2013 को रियाजुद्दीन के मकान की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहने वाले फैसल के यहां आतिशबाजी बनाने का काम चल रहा था
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इसी दौरान भीषण विस्फोट हो गया था। जिससे मकान के मलबे में दबकर फैसल (18), उसकी बहन गुलिश्ता उर्फ बानो (14) और इनकी चाची रहीसा (50) समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। जबकि पुलिस ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की थी। इसी तरह, बुलंदशहर रोड पर जामिया मोहल्ला में 11 अगस्त 2011 को एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था।
जिससे फैक्ट्री और पड़ोस के एक मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा 1995 में पुराना बाजार में पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट में तीन की मौत हो गई थी। 2002 बाबूगढ़ क्षेत्र में विस्फोट में दो घायल हो गए थे। 2006 में गढ़ गेट के पास विस्फोट हुआ। 2008 आवास विकास बुलंदशहर रोड पर विस्फोट हुआ। 2010 मोती कालोनी में एक मकान में विस्फोट हुआ जिसमें तीन घायल हुए थे।
अवैध रुप से पटाखे पुराना बाजार, सिकंदर गेट, मोती कालोनी,मजीदपुरा, बुलंदशहर रोड, नवी करीम, मेरठ गेट, गढ़ गेट आदि स्थानों पर बनाए जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जिन संकरी गलियों में पटाखे बनाए जा रहे हैं वहां दमकल गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा का कहना है कि दीपावली पर जिले में किसी प्रकार का हादसा न हो इसके लिए प्रशासन कटिबद्ध है। कुछ दिन पहले एक गोदाम पर इस संबंध पर छापा भी मारा गया था। सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि अवैध रुप से पटाखे किसी भी हाल में न बने और न ही बेचे जायें। अवैध रुप से पटाखे बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेश सिंह का कहना है कि दीपावली को लेकर हर परिस्थितियों से जूझने के लिए अग्निशमन विभाग तैयार है। सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है।