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Hapur News: गन्ना समिति में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट तैयार
Thu, 21 Aug 2025 10:52 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 21 Aug 2025 10:52 PM IST
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हापुड़। हापुड़ गन्ना समिति में करोड़ों के घोटाले की जांच रिपोर्ट लगभग तैयार है। मुजफ्फरनगर के डीसीओ समेत टीम में शामिल अधिकारी रिपोर्ट लेकर एडीएम से मिले। इस दौरान किसानों को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। जिसे जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार घोटाला की राशि दस करोड़ से भी अधिक हो सकती है।
दरअसल, हापुड़ गन्ना समिति में घोटाले की प्राथमिक जांच में सामने आया था कि लिपिक ने अपने, पत्नी और बहन के छह खातों में गबन की राशि ट्रांसफर की है। इस मामले में लिपिक भारत कश्यप को निलंबित कर दिया था। सचिव मनोज कुमार को भी निलंबित किया जा चुका है। जांच के दौरान बिल वाउचरों पर फर्जी हस्ताक्षर मिले थे। डिस्पैच रजिस्टर में भी सैकड़ों वाउचरों का उल्लेख नहीं मिला था।
इस प्रकरण में पहले डीएम अभिषेक पांडेय ने डिप्टी कलक्टर अंकित कुमार वर्मा को मजिस्ट्रीयल जांच सौंपी थी। जांच कमेटी में सीओ हापुड़ नगर, एसटीओ हापुड़ और डीसीओ हापुड़ के सदस्य नामित किया गया है। लेकिन भाकियू के पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया, जिस पर जांच कमेटी बदल दी गई।
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बृहस्पतिवार को जांच कमेटी हापुड़ पहुंची। जांच रिपोर्ट एडीएम के समक्ष प्रस्तुत की, इस कमेटी की अध्यक्षता एडीएम ही कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट अभी डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, इसके बाद ही अधिकारी कुछ कह पाने की बात कर रहे हैं। वहीं, चर्चा यह भी है कि समिति में हुआ घोटाला 10 करोड़ से भी अधिक पहुंच सकता है।
किसानों को बुलाकर सुना पक्ष-
गन्ना समिति घोटाले के मामले में भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने शिकायत की थी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि जिन बाउचरों से फर्जीवाड़ा हुआ उन पर दो अधिकारियों के हस्ताक्षर होते हैं व बैंक खाते पर अधिकारी का अलर्ट मैसेज भी लगा होता है, साथ में हर तीसरे महीने में एक निरीक्षण गन्ना अधिकारी का भी होता है। प्रत्येक तीन माह पश्चात समिति के निरीक्षण किए जाते हैं, जबकि निरीक्षण के दौरान समिति के बैंक खातों में जमा धनराशि एवं किसानों के खाते में भेजे गए गन्ना भुगतान के वाउचर चेक किए जाते हैं। ऐसे में इसकी जांच भी गहनता से होनी चाहिए। इस मौके पर राजेंद्र डागर, कटार सिंह, रवि भाटी, मोनू त्यागी, महेंद्र त्यागी, सर्वेश त्यागी, मनोज तोमर मौजूद रहे।
कोट -
पूरे प्रकरण की जांच अंतिम चरण में है, आवश्यक बिंदुओं पर जांच हो रही है। डीएम को जल्द रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। इस प्रकरण में जो दोषी होगा, उस पर उचित कार्रवाई होगी। - संदीप सिंह, एडीएम।
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दरअसल, हापुड़ गन्ना समिति में घोटाले की प्राथमिक जांच में सामने आया था कि लिपिक ने अपने, पत्नी और बहन के छह खातों में गबन की राशि ट्रांसफर की है। इस मामले में लिपिक भारत कश्यप को निलंबित कर दिया था। सचिव मनोज कुमार को भी निलंबित किया जा चुका है। जांच के दौरान बिल वाउचरों पर फर्जी हस्ताक्षर मिले थे। डिस्पैच रजिस्टर में भी सैकड़ों वाउचरों का उल्लेख नहीं मिला था।
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इस प्रकरण में पहले डीएम अभिषेक पांडेय ने डिप्टी कलक्टर अंकित कुमार वर्मा को मजिस्ट्रीयल जांच सौंपी थी। जांच कमेटी में सीओ हापुड़ नगर, एसटीओ हापुड़ और डीसीओ हापुड़ के सदस्य नामित किया गया है। लेकिन भाकियू के पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया, जिस पर जांच कमेटी बदल दी गई।
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बृहस्पतिवार को जांच कमेटी हापुड़ पहुंची। जांच रिपोर्ट एडीएम के समक्ष प्रस्तुत की, इस कमेटी की अध्यक्षता एडीएम ही कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट अभी डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, इसके बाद ही अधिकारी कुछ कह पाने की बात कर रहे हैं। वहीं, चर्चा यह भी है कि समिति में हुआ घोटाला 10 करोड़ से भी अधिक पहुंच सकता है।
किसानों को बुलाकर सुना पक्ष-
गन्ना समिति घोटाले के मामले में भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने शिकायत की थी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि जिन बाउचरों से फर्जीवाड़ा हुआ उन पर दो अधिकारियों के हस्ताक्षर होते हैं व बैंक खाते पर अधिकारी का अलर्ट मैसेज भी लगा होता है, साथ में हर तीसरे महीने में एक निरीक्षण गन्ना अधिकारी का भी होता है। प्रत्येक तीन माह पश्चात समिति के निरीक्षण किए जाते हैं, जबकि निरीक्षण के दौरान समिति के बैंक खातों में जमा धनराशि एवं किसानों के खाते में भेजे गए गन्ना भुगतान के वाउचर चेक किए जाते हैं। ऐसे में इसकी जांच भी गहनता से होनी चाहिए। इस मौके पर राजेंद्र डागर, कटार सिंह, रवि भाटी, मोनू त्यागी, महेंद्र त्यागी, सर्वेश त्यागी, मनोज तोमर मौजूद रहे।
कोट -
पूरे प्रकरण की जांच अंतिम चरण में है, आवश्यक बिंदुओं पर जांच हो रही है। डीएम को जल्द रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। इस प्रकरण में जो दोषी होगा, उस पर उचित कार्रवाई होगी। - संदीप सिंह, एडीएम।