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Hapur News: बुखार के साथ बच्चों के शरीर पर उभर रहे लाल दाने
Wed, 20 Aug 2025 10:27 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 20 Aug 2025 10:27 PM IST
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हापुड़। जनपद के कई क्षेत्रों में इन दिनों बच्चों में बुखार के साथ शरीर पर लाल चकत्ते (दाने) उभरने की समस्या सामने आ रही है। अचानक बुखार आने के बाद बच्चों की त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने निकल रहे हैं। जिले के अस्पतालों में ऐसे बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है।अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 120 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं।
सीएचसी के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि बच्चों में यह पित्त, रक्त की दुष्टि से होने वाला रोग है। इसमें बुखार काफी तेज होता है। लाल-लाल दाने जैसे चकत्ते शुरू होते हैं जो कि पैरों में सबसे पहले दिखाई देते हैं। दो से तीन दिन में पैरों के बाद हाथों में फैल जाते हैं और मुंह में छाले हो जाते हैं।
बुखार, शरीर में दर्द, कभी कभी दस्त जैसे लक्षणों के साथ-साथ बच्दा खाना खाने में असहज अनुभव करता है। चकत्तों व मुंह के छालों से निकलने वाला विष छूने, साथ खाने, कपड़े और तौलिया साझा करने से तेजी से दूसरे बच्चों को संक्रमित करता है। इससे बचाव के लिए हाथ धोने के तरीकों का प्रयोग करें, बच्चों को स्कूल से आने के बाद कपड़े बदलने, हाथ और मुंह धोने के बाद ही घर में कुछ छूने दें। बच्चों के टूथब्रश को कैप लगाकर रखें।
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यदि किसी बच्चे को इस रोग के लक्षण है, तो उसे स्कूल/ ट्यूशन आदि न भेजें। बच्चे को खट्टा, तीखा, बाजार का भोजन, छोंक युक्त भोजन से दूर रखें। गढ़ रोड सीएचसी में शनिवार को इन रोगों से पीड़ित 70 बच्चे पहुंचे, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में कुल 120 बच्चे पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय का कहना है कि इस रोग के बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं, बुखार भी परेशान कर रहा है। समय से उपचार मिलने पर बीमारी आसानी से ठीक हो जाती है।
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सीएचसी के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि बच्चों में यह पित्त, रक्त की दुष्टि से होने वाला रोग है। इसमें बुखार काफी तेज होता है। लाल-लाल दाने जैसे चकत्ते शुरू होते हैं जो कि पैरों में सबसे पहले दिखाई देते हैं। दो से तीन दिन में पैरों के बाद हाथों में फैल जाते हैं और मुंह में छाले हो जाते हैं।
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बुखार, शरीर में दर्द, कभी कभी दस्त जैसे लक्षणों के साथ-साथ बच्दा खाना खाने में असहज अनुभव करता है। चकत्तों व मुंह के छालों से निकलने वाला विष छूने, साथ खाने, कपड़े और तौलिया साझा करने से तेजी से दूसरे बच्चों को संक्रमित करता है। इससे बचाव के लिए हाथ धोने के तरीकों का प्रयोग करें, बच्चों को स्कूल से आने के बाद कपड़े बदलने, हाथ और मुंह धोने के बाद ही घर में कुछ छूने दें। बच्चों के टूथब्रश को कैप लगाकर रखें।
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यदि किसी बच्चे को इस रोग के लक्षण है, तो उसे स्कूल/ ट्यूशन आदि न भेजें। बच्चे को खट्टा, तीखा, बाजार का भोजन, छोंक युक्त भोजन से दूर रखें। गढ़ रोड सीएचसी में शनिवार को इन रोगों से पीड़ित 70 बच्चे पहुंचे, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में कुल 120 बच्चे पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय का कहना है कि इस रोग के बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं, बुखार भी परेशान कर रहा है। समय से उपचार मिलने पर बीमारी आसानी से ठीक हो जाती है।