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अंडरपास के लिए डीआरएम की मंजूरी का इंतजार
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 08 Mar 2017 09:19 PM IST
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अंडरपास
- फोटो : अमर उजाला
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हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की प्रीत विहार फेस-1 कालोनी से होकर गुजरने वाले खड़ौली (छोइया) नाले के ऊपर बने रेलवे के पुल संख्या 103 के नीचे से सड़क बनाकर अंडरपास चालू करने के लिए अब डीआरएम मुरादाबाद की मंजूरी का इंतजार है।
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यह पुल काफी चौड़ा है, जबकि छोइया का पानी सिर्फ एक दो पिलर के बीच से निकल जाता है। बाकी पिलर के बीच जमीन खाली पड़ी रहती है जिससे होकर हल्के वाहन वहां से निकलते थे। प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुल तक सड़क बनवा दी थी,
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लेकिन जब पुल के नीचे सड़क बनने का नंबर आया तो वहां रेलवे के अधिकारियों ने सीमेंट के स्लीपर गड़वा दिए। मामले की जानकारी प्राधिकरण के तत्कालीन उपाध्यक्ष ने तत्कालीन जिलाधिकारी अजय यादव को दी।
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उन्होंने 23/2/2015 को स्पेशल मैसेंजर मुरादाबाद भेजकर एक पत्र रेलवे के डिवीजनल इंजीनियर पारितोष गौतम के कार्यालय में रिसीव कराया था। पत्र में जिलाधिकारी ने अंडरपास के लिए खड़ंजा बनाने का प्रस्ताव दिया था।
साथ सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी तत्कालीन डीआरएम सुधीर अग्रवाल से कई बार वार्ता की जिन्होंने आश्वासन दिया था कि वह जल्द स्वीकृति भिजवा देंगे, लेकिन आज तक डीआरएम ने मंजूरी नहीं दी। सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मतगणना के बाद वह रेल मंत्री से इस संबंध में वार्ता करेंगे।
डीआरएम मुरादाबाद प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रस्ताव उत्तर रेलवे के मुख्यालय से निरस्त हो गया है। उनके स्तर से वहां एक सब-वे बनाने की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है।
इसके लिए जिला प्रशासन या प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा पत्र भेजना होगा। इसके बाद एस्टीमेट बनेगा जिसका संपूर्ण व्यय राज्य सरकार या प्राधिकरण को वहन करना होगा।