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Hapur News: ब्याज माफी योजना का 950 कारोबारियों को मिलेगा लाभ
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हापुड़। प्रदेश सरकार ने पुराने कर बकायों के निस्तारण और व्यापारियों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू की है। योजना के तहत पात्र करदाताओं को बकाया मूलधन जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 100 प्रतिशत तक छूट मिल सकेगी। इससे जिले के करीब 950 कारोबारियों को लाभ मिलेगा, जिनपर दस करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को तीन महीने का समय दिया गया है।
योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के मूल बकाया वाले करदाताओं को पूरा मूलधन जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के बकाया पर ब्याज में 10 प्रतिशत जमा और अर्थदंड में 90 प्रतिशत की छूट निर्धारित की गई है। इसी तरह एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाया पर ब्याज में 25 प्रतिशत जमा और अर्थदंड में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी। पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये वाले मामलों में ब्याज और अर्थदंड, दोनों में 50-50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।
राज्य कर विभाग के उपायुक्त लालचंद ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को वाणिज्य कर विभाग के पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके लिए जीएसटी या टीआईएन से संबंधित लॉगिन विवरण का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पोर्टल पर पुराने बकाये का विवरण, देय मूलधन और ब्याज की निर्धारित धनराशि देखी जा सकेगी। इसके बाद संबंधित श्रेणी के अनुसार निर्धारित राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी और योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा। सत्यापन के बाद नियमानुसार बकाया निस्तारण का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
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योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के मूल बकाया वाले करदाताओं को पूरा मूलधन जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के बकाया पर ब्याज में 10 प्रतिशत जमा और अर्थदंड में 90 प्रतिशत की छूट निर्धारित की गई है। इसी तरह एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाया पर ब्याज में 25 प्रतिशत जमा और अर्थदंड में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी। पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये वाले मामलों में ब्याज और अर्थदंड, दोनों में 50-50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।
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राज्य कर विभाग के उपायुक्त लालचंद ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को वाणिज्य कर विभाग के पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके लिए जीएसटी या टीआईएन से संबंधित लॉगिन विवरण का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पोर्टल पर पुराने बकाये का विवरण, देय मूलधन और ब्याज की निर्धारित धनराशि देखी जा सकेगी। इसके बाद संबंधित श्रेणी के अनुसार निर्धारित राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी और योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा। सत्यापन के बाद नियमानुसार बकाया निस्तारण का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
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