{"_id":"5a7c958d4f1c1b4d588b78e6","slug":"161518114189-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास में करेगी मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास में करेगी मदद
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास में करेगी मदद
हापुड़। ईंट-भट्ठों और दूसरे व्यवसायों में काम कर रहे बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण योजना बनाई है। इसके तहत मजदूरों को चिन्हित कर उन्हें मुक्त कराते हुए पुनर्वास के लिए तत्काल बीस हजार रुपये की मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव सुरेश कुमार की ओर से आदेशों में कहा गया है कि शासन ने बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने और पुनर्वास कराने के लिए गंभीर है। ऐसे मजदूरों के मौलिक अधिकारों का हनन न हो और वे भी दूसरे मजदूरों की तरह अपनी इच्छा अनुसार कार्य कर सकें, इसके लिए सरकार ने मजदूरों के पुनर्वास का निर्णय लिया है। इसके लिए मजदूरों को चिन्हित कर उन्हें दूसरे स्थानों पर पुनर्वास कराने के लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में चार करोड़ 36 लाख 20 हजार रुपये का बजट जारी किया है। सभी बंधुआ श्रमिक को चिन्हित कर उसके पुनर्वास के लिए उसे बीस हजार रुपये की मदद मुहैया कराई जाएगी। यह धनराशि दस-दस हजार रुपये केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
31 मार्च से पहले खर्च करनी होगी राशि
सरकार ने श्रम विभाग को सरकार से मिली मदद को 31 मार्च तक वितरित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का आदेश है कि विभाग ऐेसे मजदूरों को चिन्हित करने के लिए अभी से जुट जाएं औैर ऐसे श्रमिकों को तत्काल मदद मुहैया कराएं। 31 मार्च के बाद सरकार की ओर से जारी मदद वापस हो जाएगी। इतना ही नहीं इस कार्य में पूरी पारदर्शिता बरतने के आदेश दिए गए हैं। वितरण की निगरानी उच्चाधिकारियों द्वारा की जाएगी।
विज्ञापन
सहायक श्रम आयुक्त अनुराग मिश्रा का कहना है कि शासन की ओर से जारी आदेशों के अनुपालन में श्रमिकों को चिन्हित करने का कार्य शुरू किया जा रहा है।
विज्ञापन
हापुड़। ईंट-भट्ठों और दूसरे व्यवसायों में काम कर रहे बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण योजना बनाई है। इसके तहत मजदूरों को चिन्हित कर उन्हें मुक्त कराते हुए पुनर्वास के लिए तत्काल बीस हजार रुपये की मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव सुरेश कुमार की ओर से आदेशों में कहा गया है कि शासन ने बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने और पुनर्वास कराने के लिए गंभीर है। ऐसे मजदूरों के मौलिक अधिकारों का हनन न हो और वे भी दूसरे मजदूरों की तरह अपनी इच्छा अनुसार कार्य कर सकें, इसके लिए सरकार ने मजदूरों के पुनर्वास का निर्णय लिया है। इसके लिए मजदूरों को चिन्हित कर उन्हें दूसरे स्थानों पर पुनर्वास कराने के लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में चार करोड़ 36 लाख 20 हजार रुपये का बजट जारी किया है। सभी बंधुआ श्रमिक को चिन्हित कर उसके पुनर्वास के लिए उसे बीस हजार रुपये की मदद मुहैया कराई जाएगी। यह धनराशि दस-दस हजार रुपये केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
विज्ञापन
31 मार्च से पहले खर्च करनी होगी राशि
सरकार ने श्रम विभाग को सरकार से मिली मदद को 31 मार्च तक वितरित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का आदेश है कि विभाग ऐेसे मजदूरों को चिन्हित करने के लिए अभी से जुट जाएं औैर ऐसे श्रमिकों को तत्काल मदद मुहैया कराएं। 31 मार्च के बाद सरकार की ओर से जारी मदद वापस हो जाएगी। इतना ही नहीं इस कार्य में पूरी पारदर्शिता बरतने के आदेश दिए गए हैं। वितरण की निगरानी उच्चाधिकारियों द्वारा की जाएगी।
विज्ञापन
सहायक श्रम आयुक्त अनुराग मिश्रा का कहना है कि शासन की ओर से जारी आदेशों के अनुपालन में श्रमिकों को चिन्हित करने का कार्य शुरू किया जा रहा है।