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चिंगारी से गेहूं की फसल जलकर राख
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sat, 18 Apr 2015 12:19 AM IST
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मौदहा कस्बे के स्टेशन मार्ग के निकट शुक्रवार सुबह बिजली का तार टूटकर
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गिरने से खेत में 15 बीघे में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
कसबा के पूर्वी तरौस पंछी पीर बाबा के निकट रहने वाले मजीद अहमद उर्फ शेखर ने 18 बीघे खेत में गेहूं की फसल बोई थी। वह फसल की तबाही के बाद दोनों बेटों के साथ मिलकर गेहूं की फसल काट रहा था। उसके खेत के ऊपर से बिजली की कई लाइनें निकली हैं। इन लाइनों के खंभे टेढ़े होकर झुक गए हैं और जमीन से 7-8 फुट ऊपर तार लटके हैं।
आज जब गेहूं काटने के लिए थ्रेसिंग मशीन पहुंची। तभी लटके तारों से मशीन का एक हिस्सा छू गया और आपस में टकराने से चिंगारी छूटी और तार टूटकर खेत में गिर गया। चिंगारी से गेहूं की फसल धू-धूकर जलने लगी और 15 बीघे में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। ग्रामीणों से आग बुझाने की कोशिश कर फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
लेकिन फायर ब्रिगेड के देर से आने पर फसल का भारी नुकसान हो गया। मजीद के पुत्र रमजान व बल्लू ने बताया कि अब तो उनके पास भूसा तक नहीं बचा है। पहले ही फसल क्षति हो गई थी और उम्मीद की आखिरी किरण भी आग में जलकर खाक हो गई। बहू नूरजहां ने बताया कि खेती के अलावा उनका भरण पोषण का कोई दूसरा सहारा नही है। वहीं पावर कारपोरेशन एसडीओ अनूप कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
कसबा के पूर्वी तरौस पंछी पीर बाबा के निकट रहने वाले मजीद अहमद उर्फ शेखर ने 18 बीघे खेत में गेहूं की फसल बोई थी। वह फसल की तबाही के बाद दोनों बेटों के साथ मिलकर गेहूं की फसल काट रहा था। उसके खेत के ऊपर से बिजली की कई लाइनें निकली हैं। इन लाइनों के खंभे टेढ़े होकर झुक गए हैं और जमीन से 7-8 फुट ऊपर तार लटके हैं।
आज जब गेहूं काटने के लिए थ्रेसिंग मशीन पहुंची। तभी लटके तारों से मशीन का एक हिस्सा छू गया और आपस में टकराने से चिंगारी छूटी और तार टूटकर खेत में गिर गया। चिंगारी से गेहूं की फसल धू-धूकर जलने लगी और 15 बीघे में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। ग्रामीणों से आग बुझाने की कोशिश कर फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
लेकिन फायर ब्रिगेड के देर से आने पर फसल का भारी नुकसान हो गया। मजीद के पुत्र रमजान व बल्लू ने बताया कि अब तो उनके पास भूसा तक नहीं बचा है। पहले ही फसल क्षति हो गई थी और उम्मीद की आखिरी किरण भी आग में जलकर खाक हो गई। बहू नूरजहां ने बताया कि खेती के अलावा उनका भरण पोषण का कोई दूसरा सहारा नही है। वहीं पावर कारपोरेशन एसडीओ अनूप कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।