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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Lease holders' bank accounts CBI scam

पट्टाधारकों के बैंक खाते खंगालने में जुटी सीबीआई

Sat, 29 Apr 2017 11:43 PM IST
hamirpur
hamirpur Updated Sat, 29 Apr 2017 11:43 PM IST
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सीबीआई खनन पट्टाधारकों के खाते टटोलने में जुट गई है। जांच अधिकारी देखेंगे कि संबंधित पट्टाधारक ने इस धंधे में कितना धन कमाकर बैंकों में जमा किया है।
जिले में खनिज से संबंधित कुल 60 पट्टों को निरस्त किया गया। इन्हीं  पट्टाधारकों से सीबीआई पूछताछ कर रही है। अभी तक बमुश्किल 23 पट्टाधारक ही सीबीआई के बुलावे पर आए हैं। वहीं, ज्यादातर पट्टाधारक भूमिगत हैं। इन पट्टा धारकों को बुलाने के लिए सीबीआई ने पुलिस अधीक्षक से सख्ती करने को कहा है। अवैध रूप से मौरंग खनन में की गई कमाई को लेकर सीबीआई पट्टाधारकों के बैंक खाते खंगालने में जुट गई है। शनिवार को इक्का दुक्का शिकायतकर्ताओं के अलावा सीबीआई कैंप में सन्नाटा पसरा रहा।
   

मौरंग खनन में हुई लूट का मामला परत दर परत खुलता जा रहा है। सिंडीकेट के नाम से खनिज माफियाओं ने जमकर धन बटोरा। सीबीआई की जांच इसी सिंडीकेट के जरिए हुई वसूली पर टिक गई है। जिले में मौरंग पर हुई अवैध वसूली का असर इन दस सालों में आम जनता पर पड़ा है। 10 साल पूर्व कभी एक ट्रक मौरंग जिले के  लोगों को 1200 रुपये में आसानी से मिल जाती थी। लेकिन जैसे ही सिंडीकेट शुरू हुआ एक ट्रक मौरंग का रेट बढ़कर तीन हजार रुपये पहुंच गया। सिंडीकेट चलाने वाले माफिया भी बदलते रहे और मौरंग की इस अवैध कमाई का रेट भी बढ़कर 36 हजार रुपये पहुंच गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूर्व सरकारों के इशारे पर होने वाले इस सिंडीकेट के खेल में वसूली का 70 फीसदी धन प्रदेश स्तरीय नेताओं को भेजा जाता रहा। जबकि 30 फीसदी अवैध वसूली सिंडीकेट वसूलने वाले अपने पास रखते रहे। सीबीआई टीम इन पहलुओं को खंगाल रही है।
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सीबीआई आने की भनक लगने पर प्रशासन ने अवैध मौरंग खनन पर कमर कसी तो पुलिस ने सिंडीकेट लेना शुरू कर दिया। रात के अंधेरे में पुलिस ने मौरंग की जमकर चोरी करवाई। यह खेल लगातार चार माह तक जारी रहा। पुलिस ने सिंडीकेट को जाने वाली रकम वसूलने के साथ खुद लेने वाला धन भी अवैध रूप से वसूला और मनमानी रकम हजम की। विधानसभा चुनाव के बाद जिला प्रशासन ने 30 अधिकारियों की टीमें बनाकर इस अवैध खनन को रोकने का प्रयास किया।
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नई सरकार में भवन निर्माण कराने वालों को सिंडीकेट से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। बालू खनन के लिए छह महीने का परमिट (पट्टा) दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल सिंडीकेट के बंद होने से मौरंग के रेट घटेंगे। आम जनता क ो भवन निर्माण में कम लागत में मौरंग मिल सकेगी। नई नीति में ई-टेंडरिंग के लिए छह माह के लिए पट्टा मिलेगा।
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