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अब ‘सारथी’ का हाथ किसानों के साथ
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हमीरपुर। कृषि क्षेत्र को आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस करने के साथ उसे डिजिटल प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए किसान ‘सारथी’ मोबाइल एप की शुरुआत की गई है। सूचना प्रौद्योगिकी और कृषि मंत्रालय की यह संयुक्त पहल किसानों को मजबूत बनाने में मददगार साबित होगी। इस डिजिटल प्लेटफार्म पर किसानों को फसलों की बुवाई से लेकर उपज बिक्री तक की जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस एप के माध्यम से अनाज के साथ बागवानी उपज की खरीद बिक्री भी की जा सकेगी। साथ ही मौसम की जानकारी से लेकर किसानों को हर संभव सलाह भी इस प्लेटफार्म पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
उपकृषि निदेशक डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया केवीके केंद्रों को इसके नेटवर्क से जोड़ा गया है। बताया इसके माध्यम से दूरदराज के किसानों को जोड़ना आसान हो जाएगा। कहा गूगल में जाकर किसान इस एप को डाउनलोड करें। जिले के केवीके से जुड़े वैज्ञानिकाें से इस प्लेटफार्म पर सवाल पूछे जा सकते हैं। सीजन में फसलों की बुवाई के उपयुक्त समय और खेती में डाली जाने वाली खाद व बीज के बारे में इस एप के माध्यम से वैज्ञानिक सलाह ली जा सकती है। इतना ही नहीं फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव और रोकथाम के उपाय पूछे जा सकते हैं।
फसलों के तैयार होने के बाद उसकी उपज की बाजार अथवा गोदामों तक ढुलाई करने और बाजार में बिक्री आदि में भी इस डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग फायदेमंद साबित होगा। इसके अलावा मंडियों में अनाज व फल और सब्जियों के बाजार भाव की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। ‘सारथी’ पर एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक उपज को पहुंचाने में भारतीय रेलवे की भी मदद ली जा सकेगी। इसकी सफलता में आईसीएआर के वैज्ञानिकों की भूमिका अहम होगी। जिनके माध्यम से ही किसानों को हर तरह की सलाह दी जा सकेगी। फिलहाल किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर मौसम की ताजा जानकारी पहुंचाई जा रही है।
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उपकृषि निदेशक डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया केवीके केंद्रों को इसके नेटवर्क से जोड़ा गया है। बताया इसके माध्यम से दूरदराज के किसानों को जोड़ना आसान हो जाएगा। कहा गूगल में जाकर किसान इस एप को डाउनलोड करें। जिले के केवीके से जुड़े वैज्ञानिकाें से इस प्लेटफार्म पर सवाल पूछे जा सकते हैं। सीजन में फसलों की बुवाई के उपयुक्त समय और खेती में डाली जाने वाली खाद व बीज के बारे में इस एप के माध्यम से वैज्ञानिक सलाह ली जा सकती है। इतना ही नहीं फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव और रोकथाम के उपाय पूछे जा सकते हैं।
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फसलों के तैयार होने के बाद उसकी उपज की बाजार अथवा गोदामों तक ढुलाई करने और बाजार में बिक्री आदि में भी इस डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग फायदेमंद साबित होगा। इसके अलावा मंडियों में अनाज व फल और सब्जियों के बाजार भाव की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। ‘सारथी’ पर एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक उपज को पहुंचाने में भारतीय रेलवे की भी मदद ली जा सकेगी। इसकी सफलता में आईसीएआर के वैज्ञानिकों की भूमिका अहम होगी। जिनके माध्यम से ही किसानों को हर तरह की सलाह दी जा सकेगी। फिलहाल किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर मौसम की ताजा जानकारी पहुंचाई जा रही है।
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