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Hamirpur News: नहरों की सिल्ट सफाई में भ्रष्टाचार का आरोप, किसान परेशान
Sat, 15 Nov 2025 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:48 PM IST
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गहरौली (हमीरपुर)। सिंचाई प्रखण्ड महोबा के द्वारा नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर ग्रामीणों ने जमकर हेराफेरी का आरोप लगाया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि विभाग द्वारा नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है, लेकिन इसका कोई लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है।
महोबा जनपद के अर्जुन बांध के अर्जुन नहर से जनपद के गहरौली, हुसैना , गोरा, मसगांव ,ऐंझी सहित कई गांव में किसानों को सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति किया जाता है। मौजूदा समय में विभाग के टेल तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने के नाम पर नहरों के सिल्ड की सफाई का कार्य जारी है।इसके लिए विभाग प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट खर्च करता है, लेकिन आरोप है कि नहर की सफाई के बाद सिल्ट किनारे डाल दी जाती है, इसे उठाया नहीं जाता। इसी कारण यह सिल्ट पुन: नहर में जाती है और पानी अवरुद्व होता है।
अलरा गौरा के किसान पुष्पेंद्र द्विवेदी, भानु यादव और अजय श्रीवास्तव ने बताया कि नहरों में पानी भरा हुआ है और सफाई के नाम पर पानी का कचरा सड़क के किनारे निकाल कर रख दिया गया है। आरोप है कि विभाग द्वारा सिल्ट सफाई के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हुसैना गांव के किसानों ने बताया कि बीते 4 साल से उनके गांव में पानी नहीं पहुंचा है। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और नहरों की सिल्ट सफाई का काम पारदर्शी तरीके से किया जाए। संबंधित अधिशासी अभियंता मोतीलाल ने बताया कि जानकारी हुई है, इस मामले की जांच कराई जाएगी।
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महोबा जनपद के अर्जुन बांध के अर्जुन नहर से जनपद के गहरौली, हुसैना , गोरा, मसगांव ,ऐंझी सहित कई गांव में किसानों को सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति किया जाता है। मौजूदा समय में विभाग के टेल तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने के नाम पर नहरों के सिल्ड की सफाई का कार्य जारी है।इसके लिए विभाग प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट खर्च करता है, लेकिन आरोप है कि नहर की सफाई के बाद सिल्ट किनारे डाल दी जाती है, इसे उठाया नहीं जाता। इसी कारण यह सिल्ट पुन: नहर में जाती है और पानी अवरुद्व होता है।
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अलरा गौरा के किसान पुष्पेंद्र द्विवेदी, भानु यादव और अजय श्रीवास्तव ने बताया कि नहरों में पानी भरा हुआ है और सफाई के नाम पर पानी का कचरा सड़क के किनारे निकाल कर रख दिया गया है। आरोप है कि विभाग द्वारा सिल्ट सफाई के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हुसैना गांव के किसानों ने बताया कि बीते 4 साल से उनके गांव में पानी नहीं पहुंचा है। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और नहरों की सिल्ट सफाई का काम पारदर्शी तरीके से किया जाए। संबंधित अधिशासी अभियंता मोतीलाल ने बताया कि जानकारी हुई है, इस मामले की जांच कराई जाएगी।
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