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लोकेटरों पर प्रशासन का चाबुक: घंटों छापामारी, कई से पूछताछ
Sat, 15 Nov 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:55 PM IST
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फोटो 15 एचएएमपी 40- सरीला क्षेत्र में छापामारी व पूछताछ करते एसडीएम। संवाद
हमीरपुर। ओवरलोड मौरंग भरे ट्रकों को सुरक्षित रास्ता बताने वाले लोकेशनबाजों पर प्रशासन का चाबुक चला है। घंटों छापामारी कर कई स्थानों पर पूछताछ की गई हैं। प्रशासन की मुस्तैदी को देखते हुए लोकेटर भूमिगत हो गए हैं।
अमर उजाला ने शुक्रवार व शनिवार के अंक में लोकेटरों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की है। खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जुटा है। शुक्रवार रात एसडीएम सरीला ने करीब चार घंटे तक छापामारी कर कई स्थानों पर पूछताछ की है। इससे ज्यादातर लोकेटर भूमिगत हो गए हैं। एसडीएम बलराम गुप्ता ने चंडौत डांडा, धौहल तिराहा, रहटिया तिराहा, चंडौत पुल, चंडौत बैरियर, धगवा, रिरूवा, बसरिया, चिकासी और जलालपुर तिराहा सहित कई स्थानों पर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। उनके मोबाइल की जांच-पड़ताल की गई। अमर उजाला में खबर का प्रकाशन होने के बाद लोकेटरों का नेटवर्क भूमिगत हो गया है। कई वॉयस मैसेज ग्रुप अचानक बंद हो गए।
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टोलकर्मी देते लोकेटरों को अधिकारी की सूचना
लोकेटर के मुताबिक, फला अधिकारी फला ढाबे पर रुका है।अभी गाड़ियां रोक दो, रूट बदल दो। ये वॉयस मैसेज किसी मैच का आंखों देखा हाल जैसे लगते हैं। अधिकारी कई बार लोकेशन सिस्टम से बचने के लिए खन्ना टोल टैक्स, धनौरी टोल या सर्विस रोड से होकर सरीला-राठ खंडों में जाते हैं। जैसे ही अधिकारी टोल में इन और आउट करते हैं। टोलकर्मी गाड़ियों की इंट्री की सूचना लोकेटरों को दे देते हैं। बदले में कई लोकेटर गैंग उन्हें छह से आठ हजार रुपये महीना देते हैं। जनपद में इस समय करीब 12 से अधिक लोकेटर गैंग सक्रिय हैं।
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15-20 हजार में लड़के रख लोकेशन लेते ट्रक संचालक
कई ट्रक संचालक लोकेशनबाजी का नेटवर्क खुद खड़ा करते हैं। 15-20 हजार रुपये देकर अलग-अलग स्थानों पर लड़के तैनात कर देते हैं। ये लड़के उनकी गाड़ियों के साथ-साथ अन्य ट्रकों की लोकेशन भी देते हैं।
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सबकुछ लाइव डालते
एक लोकेटर का कहना है कि हम सबकुछ लाइव डालते हैं। किस अधिकारी की गाड़ी कहां रुकी और किसने किस रूट में इंट्री ली, सब ग्रुप में जाता है।
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लोकेशन सिंडिकेट की जड़ें गहरी
जिले में करीब 12 लोकेशन ग्रुप सक्रिय हैं। इनमें चिकासी का एक युवक, बरौली का दूसरा युवक, जलालपुर तिराहे का एक ग्रुप और हमीरपुर से चंडौत बॉर्डर नाम से संचालित ग्रुप प्रमुख हैं। इनकी पकड़ हमीरपुर-जालौन सीमा तक फैली है। इन ग्रुपों में 500 से अधिक ट्रक चालक व मालिक जुड़े हुए हैं।
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उनकी लोकेशन शेयर करने वालों की पहचान की जा रही है। लोकेशन गैंग के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार रात करीब चार घंटे तक ओवरलोडिंग और बिना रवन्ना वाहनों की गहन जांच की गई है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। साक्ष्य मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- बलराम गुप्ता, एसडीएम सरीला
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अमर उजाला ने शुक्रवार व शनिवार के अंक में लोकेटरों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की है। खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जुटा है। शुक्रवार रात एसडीएम सरीला ने करीब चार घंटे तक छापामारी कर कई स्थानों पर पूछताछ की है। इससे ज्यादातर लोकेटर भूमिगत हो गए हैं। एसडीएम बलराम गुप्ता ने चंडौत डांडा, धौहल तिराहा, रहटिया तिराहा, चंडौत पुल, चंडौत बैरियर, धगवा, रिरूवा, बसरिया, चिकासी और जलालपुर तिराहा सहित कई स्थानों पर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। उनके मोबाइल की जांच-पड़ताल की गई। अमर उजाला में खबर का प्रकाशन होने के बाद लोकेटरों का नेटवर्क भूमिगत हो गया है। कई वॉयस मैसेज ग्रुप अचानक बंद हो गए।
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टोलकर्मी देते लोकेटरों को अधिकारी की सूचना
लोकेटर के मुताबिक, फला अधिकारी फला ढाबे पर रुका है।अभी गाड़ियां रोक दो, रूट बदल दो। ये वॉयस मैसेज किसी मैच का आंखों देखा हाल जैसे लगते हैं। अधिकारी कई बार लोकेशन सिस्टम से बचने के लिए खन्ना टोल टैक्स, धनौरी टोल या सर्विस रोड से होकर सरीला-राठ खंडों में जाते हैं। जैसे ही अधिकारी टोल में इन और आउट करते हैं। टोलकर्मी गाड़ियों की इंट्री की सूचना लोकेटरों को दे देते हैं। बदले में कई लोकेटर गैंग उन्हें छह से आठ हजार रुपये महीना देते हैं। जनपद में इस समय करीब 12 से अधिक लोकेटर गैंग सक्रिय हैं।
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15-20 हजार में लड़के रख लोकेशन लेते ट्रक संचालक
कई ट्रक संचालक लोकेशनबाजी का नेटवर्क खुद खड़ा करते हैं। 15-20 हजार रुपये देकर अलग-अलग स्थानों पर लड़के तैनात कर देते हैं। ये लड़के उनकी गाड़ियों के साथ-साथ अन्य ट्रकों की लोकेशन भी देते हैं।
सबकुछ लाइव डालते
एक लोकेटर का कहना है कि हम सबकुछ लाइव डालते हैं। किस अधिकारी की गाड़ी कहां रुकी और किसने किस रूट में इंट्री ली, सब ग्रुप में जाता है।
लोकेशन सिंडिकेट की जड़ें गहरी
जिले में करीब 12 लोकेशन ग्रुप सक्रिय हैं। इनमें चिकासी का एक युवक, बरौली का दूसरा युवक, जलालपुर तिराहे का एक ग्रुप और हमीरपुर से चंडौत बॉर्डर नाम से संचालित ग्रुप प्रमुख हैं। इनकी पकड़ हमीरपुर-जालौन सीमा तक फैली है। इन ग्रुपों में 500 से अधिक ट्रक चालक व मालिक जुड़े हुए हैं।
उनकी लोकेशन शेयर करने वालों की पहचान की जा रही है। लोकेशन गैंग के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार रात करीब चार घंटे तक ओवरलोडिंग और बिना रवन्ना वाहनों की गहन जांच की गई है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। साक्ष्य मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- बलराम गुप्ता, एसडीएम सरीला