{"_id":"595d322b4f1c1bc6718b46cd","slug":"181499279915-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलवाहकों को चार माह से नहीं मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलवाहकों को चार माह से नहीं मानदेय
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जलवाहकों को बीते चार माह से आईपीएच विभाग ने मानदेय जारी नहीं किया है। जलवाहकों को मानदेय के लिए लाले पड़ गए हैं। जलवाहकों का आरोप है कि कभी छह माह बाद तो कभी आठ माह बाद मानदेय जारी कर रहा है। इसके चलते उन्हें परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। जलवाहकों ने आईपीएच की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है। जलवाहकों में प्यार चंद, प्रीतम चंद, संजीव कुमार, दीपिका, तारा चंद, सुशील कुमार का कहना है कि उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। आईपीएच पंचायतों के माध्यम से मानदेय देती हैं। उन्होंने कहा कि मार्च माह के बाद उन्हें कोई मानदेय नहीं मिला है। उन्हें परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। जलवाहकों का आरोप है कि विभाग उन्हें समय पर मानदेय जारी नहीं कर रहा है। कभी छह माह बाद तो कभी आठ माह बाद मानदेय जारी कर रहा है जबकि उनसे 10 से 12 घंटे सेवाएं ली जा रही हैं। जलवाहकों ने आईपीएच की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है। जलवाहकों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि उन्हें मानदेय जल्द से जल्द जारी किया जाए। आईपीएच विभाग के एक्सईएन नीरज भोगल का कहना है कि आला अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है। जल्द ही जलवाहकों का मानदेय जारी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
हमीरपुर। जलवाहकों को बीते चार माह से आईपीएच विभाग ने मानदेय जारी नहीं किया है। जलवाहकों को मानदेय के लिए लाले पड़ गए हैं। जलवाहकों का आरोप है कि कभी छह माह बाद तो कभी आठ माह बाद मानदेय जारी कर रहा है। इसके चलते उन्हें परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। जलवाहकों ने आईपीएच की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है। जलवाहकों में प्यार चंद, प्रीतम चंद, संजीव कुमार, दीपिका, तारा चंद, सुशील कुमार का कहना है कि उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। आईपीएच पंचायतों के माध्यम से मानदेय देती हैं। उन्होंने कहा कि मार्च माह के बाद उन्हें कोई मानदेय नहीं मिला है। उन्हें परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। जलवाहकों का आरोप है कि विभाग उन्हें समय पर मानदेय जारी नहीं कर रहा है। कभी छह माह बाद तो कभी आठ माह बाद मानदेय जारी कर रहा है जबकि उनसे 10 से 12 घंटे सेवाएं ली जा रही हैं। जलवाहकों ने आईपीएच की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है। जलवाहकों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि उन्हें मानदेय जल्द से जल्द जारी किया जाए। आईपीएच विभाग के एक्सईएन नीरज भोगल का कहना है कि आला अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है। जल्द ही जलवाहकों का मानदेय जारी कर दिया जाएगा।