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टिकटें फाइनल न होने से घरों में दुबके नेता
Updated Tue, 17 Oct 2017 03:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर।
भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने से दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता घरों में दुबके पड़े हैं। इससे पहले दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जनसंपर्क अभियान जोरशोर से छेड़ रखा था। दोनों दलों के कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टियों का प्रचार करने में लगे थे। बीते 12 अक्तूबर को चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही कांग्रेस और भाजपा का प्रचार अभियान ठंडे बस्ते में पड़ गया। अब दोनों दल अपने-अपने विस क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। पार्टी प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ होने के बाद वह डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार करेंगे। हमीरपुर में जिला भाजपा हिमाचल मांगे हिसाब पोस्टर लगाकर जगह-जगह प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार और माफिया राज के आरोपों की बौछार करती रही है। साथ ही बीजेपी बूथों पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर चुकी है। वहीं कांग्रेस भी आचार संहिता से पहले पथ यात्रा समेत कई कार्यक्रम कर चुकी है। अब प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने से प्रचार अभियान ठप पड़ा है।
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हमीरपुर।
भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने से दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता घरों में दुबके पड़े हैं। इससे पहले दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जनसंपर्क अभियान जोरशोर से छेड़ रखा था। दोनों दलों के कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टियों का प्रचार करने में लगे थे। बीते 12 अक्तूबर को चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही कांग्रेस और भाजपा का प्रचार अभियान ठंडे बस्ते में पड़ गया। अब दोनों दल अपने-अपने विस क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। पार्टी प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ होने के बाद वह डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार करेंगे। हमीरपुर में जिला भाजपा हिमाचल मांगे हिसाब पोस्टर लगाकर जगह-जगह प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार और माफिया राज के आरोपों की बौछार करती रही है। साथ ही बीजेपी बूथों पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर चुकी है। वहीं कांग्रेस भी आचार संहिता से पहले पथ यात्रा समेत कई कार्यक्रम कर चुकी है। अब प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने से प्रचार अभियान ठप पड़ा है।