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डीएसपी की हत्या पर नहीं करने देंगे सियासत: आजम

Tue, 05 Mar 2013 06:55 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Tue, 05 Mar 2013 06:55 PM IST
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govt will not allow to do politics on dcp murder says azam

यूपी विधानसभा में मंगलवार को एक बार फिर कुंडा के सीओ जियाउल हक की हत्या को लेकर माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जब तक सरकार की तरफ से इसका आश्वासन नहीं आता तब तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।

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इस पर संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने बसपा पर पुलिस अधिकारी के शव पर सियासत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शव पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष द्वारा मामले को उठाने के तरीके पर भाजपा ने भी ऐतराज जताया।
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पूर्वाह्न 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीओ की हत्या का मामला उठाते हुए कहा कि प्रतापगढ़ से लेकर देवरिया तक आंदोलन चल रहा है। पूरा प्रदेश जल रहा है। कल देवरिया गए मुख्यमंत्री को भी विरोध झेलना पड़ा।
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि चूंकि सोमवार को सदन में मामले पर चर्चा हो चुकी है इसलिए इसे दोबारा नहीं उठाया जा सकता। इसी दौरान भाजपा के हुकुम सिंह ने उनके रवैये पर एतराज जताते हुए कहा कि दलीय नेताओं की बैठक में जो तय हुआ उस पर सभी को कायम रहना चाहिए। अगर ध्वनि बल पर ही बोलने का मौका मिलेगा तो हम कहां जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए हुकुम सिंह ने कहा कि एक दल का प्रतिनिधित्व हम भी करते हैं। आपके पास बोलने की शक्ति है, ऊपर वाले की कृपा है। अगर नेता प्रतिपक्ष बोलते हैं तो उन्हें भी मौका मिलना चाहिए।

अध्यक्ष ने सख्त लहजे में कहा कि सदन नियमों से चलेगा न कि शक्तिबल, संख्या बल या आवाज के बल पर। यह सही है कि देवरिया में मुख्यमंत्री के साथ अच्छा व्यवहार नहीं हुआ, लेकिन जो हुआ क्या वह ठीक है? बसपा पर निशाना साधते हुए आजम ने कहा कि आप लोगों ने वहां जो माहौल बना रखा था, क्या वह ठीक था? क्या यह तरीका अच्छा है कि मुख्यमंत्री कहीं जाएं और इंसानी शर्म न नजर आए। लोगों को खदेड़ना पड़ जाए। सीओ के घर की तरफ जाने वाली संकरी गली में लोग धरना देकर बैठे थे ताकि वह मुख्यमंत्री पहुंचने न पाएं। मुख्यमंत्री या जनता के साथ कोई हादसा हो जाता तो आप खुश हो जाते?

बसपा पर लाश पर सियासत और एक बेवा की बेवाइगी का फायदा उठाने का आरोप लगाते हुए आजम ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सीओ के परिवार की सभी मांगे स्वीकार कर ली गई हैं। बसपा लाश पर फायदा उठाना चाहती थी लेकिन उसके मंसूबे पूरे नहीं हुए। सरकार ने कार्रवाई मानवता केआधार पर व कानून का राज कायम रखने के लिए की, न कि राजनीति के लिए। मौर्य ने कहा कि उनका आशय आजम को दुख पहुंचाने का नहीं था। इसमें कोई राजनीति नहीं है।

'आपकी मुख्यमंत्री होतीं तो क्या करतीं'
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी विधानसभा में बसपा की जमकर खिंचाई करते हुए नेता प्रतिपक्ष पर उल्टा सवाल दाग दिया- ‘आपकी सीएम होतीं तो क्या करतीं?’ हम तो लोकतंत्र पर विश्वास करते हैं। किसी के साथ दुर्घटना या मृत्यु हो तो समाजवादी संस्कृति है कि हम दुख बांटने जाते हैं। इसी कड़ी में देवरिया भी गए थे। सीओ के परिवार के बीच बैठे। बातचीत की। वे लोग हमें बुलाना चाहते थे इसलिए गए।


अखिलेश ने कहा कि सत्ता बदल गई है। अब पता चल रहा है कि आपकी सीएम क्या-क्या करती थीं। उनका जो व्यवहार था, सीसीटीवी कैमरे में सब रिकॉर्ड है जो आपने ही लगवाए थे सिक्योरिटी के लिए। मौर्य को इंगित करते हुए अखिलेश ने कहा कि आप पड़ोसी जरूर रहे लेकिन सीएम आवास में घुस नहीं पाए होंगे जल्दी। गए भी होंगे तो कैसे और कहां जूते-चप्पल उतारने पड़ते थे यह भी पता होगा। सब कुछ ले गए, पर सीसीटीवी की रिकार्डिंग नहीं ले जा पाए। अपने ध्वनि बल का फायदा उठा रहे हैं नेता प्रतिपक्ष। पता नहीं घर में बैठे कैसे जानकारी मिल जा रही है कि पूरा प्रदेश जल रहा है।

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