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सरकारी अस्पतालों में होगा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 05 Jun 2017 08:27 PM IST
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जिला अस्पताल
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सरकारी अस्पतालों में ही मंगलवार को इलाज मयस्सर होगा। निजी अस्पतालों में ओपीडी समेत इनडोर सेवाएं ठप रहेंगी। ऐसा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से आहूत बंदी के आह्वान के चलते होगा। शहर से आईएमए के पदाधिकारी दिल्ली में आयोजित धरने में शामिल होने जा रहे हैं।
आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. बीबी गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से चिकित्सकों एवं उनसे जुड़े अन्य कर्मचारियों पर हमले की कई घटनाएं हुई हैं। कुछ घटनाओं में डॉक्टरों की मौत भी हुई है। वह भी तब जबकि 16 राज्यों में मेडिकल प्रोटेक्टशन एक्ट लागू है। छोटी लिपिकीय त्रुटियों पर भी डॉक्टरों को दंडित किया जा रहा है। चिकित्सक गंभीर मरीजों को देखने में भय महसूस करने लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का घोर अभाव है। दवाओं की भी कमी है। सरकार सुविधाएं दुरुस्त करने की जगह क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के जरिए सारा बोझ निजी क्षेत्र पर डालना चाहती है। इसका आईएमए विरोध कर रहा है। सात सूत्री मांगों को लेकर आईएमए की राष्ट्रीय शाखा ने एक दिवसीय बंद आहूत किया है और पदाधिकारियों को दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में बुलाया है।
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आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. बीबी गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से चिकित्सकों एवं उनसे जुड़े अन्य कर्मचारियों पर हमले की कई घटनाएं हुई हैं। कुछ घटनाओं में डॉक्टरों की मौत भी हुई है। वह भी तब जबकि 16 राज्यों में मेडिकल प्रोटेक्टशन एक्ट लागू है। छोटी लिपिकीय त्रुटियों पर भी डॉक्टरों को दंडित किया जा रहा है। चिकित्सक गंभीर मरीजों को देखने में भय महसूस करने लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का घोर अभाव है। दवाओं की भी कमी है। सरकार सुविधाएं दुरुस्त करने की जगह क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के जरिए सारा बोझ निजी क्षेत्र पर डालना चाहती है। इसका आईएमए विरोध कर रहा है। सात सूत्री मांगों को लेकर आईएमए की राष्ट्रीय शाखा ने एक दिवसीय बंद आहूत किया है और पदाधिकारियों को दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में बुलाया है।
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जिला अस्पताल में तैयारी पूरी
आईएमए की हड़ताल के चलते मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे लेकर एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को समय से चेंबर में बैठने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही डेढ़ बजे के बाद भी पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े मरीजों को देखने के लिए कहा गया है।
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