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घंटों बारिश से पूरा शहर हुअा लबालब
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:20 AM IST
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डीएम दफ्तर के बाहर हुआ जलभराव।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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लंबे इंतजार के बाद शनिवार तड़के से दोपहर बाद तक हुई बारिश किसानों के लिए तो अमृत साबित हुई, लेकिन आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई। सड़कों और गलियों में पानी भरने की वजह से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पार्षदों समेत आम लोगों ने इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया।
बारिश ने शहर के नालों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश से शहर के विभिन्न इलाकों में जल-भराव की स्थिति बन गई। कुछ इलाकों में तो घंटे भर में जल भराव की स्थिति दूर हो गई, लेकिन कुछ इलाकों में तीन चार घंटे तक पानी भरा रहा। जबकि इन इलाकों में अभी हाल में नाले नालियों की सफाई की गई। शनिवार सुबह तकरीबन तीन बजे बारिश शुरू हुई। इसके बाद से दोपहर दो बजे तक लगातार बारिश होती रही। इससे डीएम दफ्तर, जिला परिषद रोड, जुबिली कॉलेज रोड, असुरन, धर्मशाला ओवरब्रिज, चेतना तिराहा, मानसपुरम कॉलोनी, महुई सुघरपुर, चक्सा हुसैना, सूर्यकूंड, गीडा समेत कई जगह पानी इकट्ठा हो गया।
अंडरग्राउंड नाला जाम हो जाने की वजह से धर्मशाला पुल के नीचे तकरीबन दो घंटे तक पानी जमा रहा। चक्सा हुसैन में तो कई घरों में पानी घुस गया। लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पार्षद प्रतिनिधि रवि रावत ने कहा कि जल भराव की मुख्य वजह अतिक्रमण है। अगर नगर निगम अतिक्रमण हटाने में ईमानदारी अपनाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी।
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बारिश का असर यह हुआ कि एक तरफ जिन खेतों में धान की बालियां निकल रही हैं उसके लिए बरसात का पानी काफी फायदेमंद होगा। इससे दाने मजबूत होंगे। दूसरी तरफ जिन धानों की बालियां अभी नहीं निकल रहीं थीं वह पानी पाने के साथ निकलने लगेंगी। जिन धान के खेतों में पानी की कमी से पत्तियां पीली पड़ रही थीं वह अब हरी हो जाएंगी। किसान इस बात को लेकर परेशान थे कि तीन साल से कम बारिश की वजह से गेहूं की फसल बोने से पहले उन्हें खेतों में पानी चलाना पड़ता था इससे उन्हें राहत मिलेगी।
स्कूल पहुंचे बच्चों को भीगते हुए घर वापस लौटना पड़ा। कार्मल स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल सिविल लाइंस, सेंट जोसेफ स्कूल गोरखनाथ, लिटिल फ्लावर, गोरखपुर पब्लिक स्कूल सहित कई निजी स्कूल खुले रहे। जबकि एचपी चिल्ड्रेन स्कूल बंद कर दिया गया। अभिभावकों का कहना था कि अगर अचानक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है तो इसकी सूचना मोबाइल पर मैसेज कर करना चाहिए।
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बारिश ने शहर के नालों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश से शहर के विभिन्न इलाकों में जल-भराव की स्थिति बन गई। कुछ इलाकों में तो घंटे भर में जल भराव की स्थिति दूर हो गई, लेकिन कुछ इलाकों में तीन चार घंटे तक पानी भरा रहा। जबकि इन इलाकों में अभी हाल में नाले नालियों की सफाई की गई। शनिवार सुबह तकरीबन तीन बजे बारिश शुरू हुई। इसके बाद से दोपहर दो बजे तक लगातार बारिश होती रही। इससे डीएम दफ्तर, जिला परिषद रोड, जुबिली कॉलेज रोड, असुरन, धर्मशाला ओवरब्रिज, चेतना तिराहा, मानसपुरम कॉलोनी, महुई सुघरपुर, चक्सा हुसैना, सूर्यकूंड, गीडा समेत कई जगह पानी इकट्ठा हो गया।
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अंडरग्राउंड नाला जाम हो जाने की वजह से धर्मशाला पुल के नीचे तकरीबन दो घंटे तक पानी जमा रहा। चक्सा हुसैन में तो कई घरों में पानी घुस गया। लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पार्षद प्रतिनिधि रवि रावत ने कहा कि जल भराव की मुख्य वजह अतिक्रमण है। अगर नगर निगम अतिक्रमण हटाने में ईमानदारी अपनाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी।
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बरसात से खिले किसानाें के चेहरे
शनिवार की सुबह से शाम तक 56 मिलीमीटर बारिश होने की वजह से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। धान के खेतों में पानी चलाने की जुगत में लगे किसानों के लिए यह बारिश काफी मुफीद मानी जा रही है। इस साल अच्छे बारिश की उम्मीद पाले किसानों को औसत से कम बारिश होने के कारण निराशा हाथ लगी थी। जो लोग साधन संपन्न थे वे खेतों में मोटर या पंपिंगसेट से पानी चला रहे थे। बहुत से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। कम बारिश से फसलों पर असर पड़ रहा था। माना जा रहा था कि पैदावार प्रभावित होगी। शनिवार को रात में बूंदा बादी शुरू हुई तो सुबह होते ही आसमान में चारो तरफ बादल छा गए और हर तरफ बरसात होने लगी।बारिश का असर यह हुआ कि एक तरफ जिन खेतों में धान की बालियां निकल रही हैं उसके लिए बरसात का पानी काफी फायदेमंद होगा। इससे दाने मजबूत होंगे। दूसरी तरफ जिन धानों की बालियां अभी नहीं निकल रहीं थीं वह पानी पाने के साथ निकलने लगेंगी। जिन धान के खेतों में पानी की कमी से पत्तियां पीली पड़ रही थीं वह अब हरी हो जाएंगी। किसान इस बात को लेकर परेशान थे कि तीन साल से कम बारिश की वजह से गेहूं की फसल बोने से पहले उन्हें खेतों में पानी चलाना पड़ता था इससे उन्हें राहत मिलेगी।
भीगते गए बच्चे और स्कूल मिला बंद
बारिश के चलते शहर के कई निजी स्कूल बगैर सूचना के बंद कर दिए गए। बच्चों के साथ भीगते हुए जब अभिभावक स्कूल पहुंचे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। वहीं मिशनरी स्कूलों में पैरेंट-टीचर मीटिंग भी रद्द नहीं की गई। अभिभावकों ने निजी स्कूल संचालक के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। शनिवार की सुबह स्कूल जाने के समय बारिश होने लगी। जबकि देर रात से हो रही बारिश के चलते सड़कों पर पानी लग गया था। कई स्कूलों के प्रबंधन ने बारिश के चलते स्कूल तो बंद कर दिए लेकिन इसकी सूचना अभिभावकों को नहीं दी गई। यहां तक कि स्कूलों के फोन भी रिसीव नहीं किए गए।स्कूल पहुंचे बच्चों को भीगते हुए घर वापस लौटना पड़ा। कार्मल स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल सिविल लाइंस, सेंट जोसेफ स्कूल गोरखनाथ, लिटिल फ्लावर, गोरखपुर पब्लिक स्कूल सहित कई निजी स्कूल खुले रहे। जबकि एचपी चिल्ड्रेन स्कूल बंद कर दिया गया। अभिभावकों का कहना था कि अगर अचानक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है तो इसकी सूचना मोबाइल पर मैसेज कर करना चाहिए।